अद्भुत और विचित्र में अंतर। Difference between amazing and bizarre

इस लेख में अद्भुत और विचित्र (amazing and bizarre) में अंतर को जानेंगे।
अद्भुत और विचित्र

अद्भुत और विचित्र में अंतर  

अद्भुत (amazing)

💦 अद्भुत वस्तु देखने में चमत्कारिक प्रतीत होती है। यह समय और बुद्धि सापेक्ष (Time and intelligence relative) होती है।

मतलब ये कि आज से बहुत वर्ष पहले वायुयान अद्भुत वस्तु दिखाई दे रही थी, लेकिन आज वह साधारण वस्तु है।

इसी प्रकार जिसने रेलगाड़ी नहीं देखी है, उसके लिए यह अद्भुत है, लेकिन जो रोज इससे सफर करता है, उसके लिए यह साधारण वस्तु है।

💦 अद्भुत से एक प्रकार का सकारात्मक जिज्ञासा का भाव हमारे मन में आ जाता है। हमें सोचने को मजबूर करता है। मन में कुछ इस प्रकार का भाव आता है – Wow क्या सीन है! अद्भुत ।

💦 अक्सर अद्भुत वस्तु हमें प्रसन्न और स्तब्ध कर देती है, क्योंकि अपने अज्ञान या अल्प ज्ञान के कारण हम उसकी तह तक नहीं पहुँच पाते।

इसीलिए जिसे जितना ही अधिक ज्ञान होता है, उसके लिए उतनी ही कम वस्तुएं अद्भुत होती है।

विचित्र (Bizarre)

🐲 जो साधारण से हट कर है, वह विचित्र कहलाता है। कई तरह के रंगों या वर्णों वाला अर्थात रंग- बिरंगा हो और जो मन को चकित कर दे, वह भी विचित्र है। जैसे – आज एक विचित्र जानवर मुझे देखने को मिला।

🐲 विचित्र से एक प्रकार का नकारात्मक या घृणा का भाव आता है। मन थोड़ा अजीब सा करने लगता है। जैसे कि – छि, नाली में गिर जाने के बाद कितना विचित्र लग रहा है वो!

🐲 कुछ ऐसा जो नया और अनोखा हो, जो कौतूहल उत्पन्न करें, जो सहसा सब जगह आसानी से देखने में नहीं आए; वह भी विचित्र है।

अद्भुत और विचित्र में कुल मिलाकर अंतर

🌼 कुल मिलाकर देखें तो विचित्र वही होता है जिसमे औरों की तुलना में नवीनता या अलगावपन का हो। जैसे वो जानवर कितना विचित्र है।

🌼 जबकि अद्भुत में विचित्र की अपेक्षा विस्मय की मात्रा अधिक होती है। इसे इन दो वाक्यों से समझिए- पहला, राम के बान में अद्भुत शक्ति थी और दूसरा, मसूरी का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत है।

इस दोनों वाक्यों में अद्भुत के स्थान पर विचित्र का प्रयोग युक्ति संगत नहीं होगा।

🍀 अद्भुत प्रायः सकारात्मक होता है जबकि विचित्र नकारात्मक।

और अद्भुत अपनी अपूर्वता और विलक्षनता से हमें मुग्ध और स्तब्ध कर देता है, जबकि आशा और कल्पना के विपरीत होने से विचित्र को अक्सर हम नापसंद करते है।

जैसे कि अगर ये कहा जाये – इस मिठाई का स्वाद विचित्र है तो मन में उस मिठाई के प्रति नकारात्मक भाव ही आता है,

जबकि उसी को अगर ऐसा कहा जाये कि इस मिठाई का स्वाद अद्भुत है तो ऐसा प्रतीत होता है मानो वो कितना अच्छा है।  

🌼 विचित्र में परस्पर विरोधी संभावनाओं की गुंजाइश होती है ; जैसे – वह विचित्र आदमी है, कभी किसी बात पर तो हँसता है और कभी किसी बात पर रोने लगता है।

🌼 अद्भुत कभी-कभी आलौकिक भी हो सकता है; जैसे – ईश्वर की लीला अद्भुत है। विचित्र समझ में आनेवाली वस्तुएं भी हो सकती है; जैसे – धोती पर टाई लगाना विचित्र पहनावा है।

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