ज्ञापन और अधिसूचना में अंतर क्या है?

ज्ञापन और अधिसूचना शब्द ख़ासकर के सरकारी गतिविधियों के दौरान इस्तेमाल में आता है। ज्ञापन के लिए हमें अँग्रेजी में ‘Memorandum’ शब्द और अधिसूचना के लिए ‘Notification’ शब्द सुनने को मिलता है।

इस लेख में हम इसी ज्ञापन यानी कि Memorandum और अधिसूचना यानी कि Notification पर सरल एवं सहज चर्चा करेंगे एवं इसके मध्य के अंतर को जानने का प्रयास करेंगे, तो लेख को अंत तक जरूर पढ़ें:

ज्ञापन और अधिसूचना

| ज्ञापन और अधिसूचना

ज्ञापन शब्द का इस्तेमाल तब बहुत अधिक सुनाई देता है जब दो देशों या संस्थाओं आदि के मध्य कोई समझौता होता है। इसके लिए अँग्रेजी में बहुत ही पॉपुलर शब्द है ‘Memorandum’। लेकिन अधिसूचना की बात करें तो इससे हम आमतौर पर ज्यादा परिचित होते हैं क्योंकि केंद्र सरकार के स्तर पर गज़ट में अक्सर किसी न किसी विषय को लेकर अधिसूचना जारी होती रहती है। अधिसूचना के अँग्रेजी शब्द ‘notification’ से हमारा परिचय कुछ ज्यादा ही होता है और इसका सबसे बड़ा कारण होता है हमारा स्मार्टफोन। लेकिन ये वाली अधिसूचना मोबाइल वाले अधिसूचना से ज्यादा मायने रखती है। खैर, आइये एक-एक करके पहले दोनों को देखते हैं कि दोनों की अपनी-अपनी विशेषताएँ क्या है?

| ज्ञापन क्या है?

ज्ञापन का अर्थ होता है – किसी को कोई बात बताना, ज्ञात कराना, सूचित कराना या जानकारी देना। ज्ञापन दरअसल पत्र पत्र व्यवहार का ही एक रूप  है। सरकारी पत्र के रूप में इसका इस्तेमाल मंत्रालय के विभिन्न विभागों के बीच किया जाता है। विभिन्न मंत्रालयों और उसके विभागों के बीच इस्तेमाल के दौरान इसे कार्यालयी ज्ञापन भी कहा जाता है।

उच्च अधिकारियों के द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों को किसी विशेष बात की सूचना देने के लिए भी ऐसा पत्र लिखा जाता है। इसके अलावा ज्ञापन मंत्रियों और अधिकारियों को दिया जाता है, जिसमें भविष्य में और भी अच्छे ढंग से कार्य करने के लिए इनसे सहायता की अपेक्षा की जाती है।

  • जब दो देशों के बीच या दो संस्थाओं के बीच कोई समझौता होता है, तो उसे समझौता ज्ञापन (memorandum of Understanding) कहा जाता है।

इसी ज्ञापन में ‘वी’ उपसर्ग लगा देने से विज्ञापन बनता है। इसका भी अर्थ वही होता है; जानकारी कराना, सूचित करना आदि। लेकिन इसका प्रयोग अलग सेंस में किया जाता है। क्योंकि आमतौर पर इसमें व्यक्तिगत या संस्थागत लाभ का भाव होता है। इसीलिए किसी कंपनी को अगर जनता को कोई बात सूचित कराना होता है तो वे विज्ञापन देते हैं, ज्ञापन नहीं। यहाँ तक खुद सरकार भी अगर किसी चीज़ को प्रोमोट करना चाहती है या सार्वजनिक हित से संबंधित किसी बात को जन साधारण तक पहुंचाना चाहती है तो विज्ञापन देती है न कि ज्ञापन।

यहाँ पर आपके मन में ये सवाल आ सकता है कि फिर विज्ञापन की जगह अधिसूचना का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता है? तो बात दरअसल ये है कि अधिसूचना में कुछ करने, करवाने या फिर एक आदेश जैसा भाव होता है या दूसरे शब्दों में कहें तो इसमें कमोबेश अनिवार्यता का बंधन होता है और इसे राजपत्र (Gazette) के माध्यम से जारी किया जाता है। इसीलिए………

| ज्ञापन का प्रारूप

ज्ञापन का प्रारूप कुछ इस तरह का होना चाहिए जैसे कि नीचे बताया गया है;

  • सबसे ऊपर फाइल संख्या, भारत सरकार, मंत्रालय और विभाग का नाम लिखा जाता है।
  • स्थान का नाम और तारीख का उल्लेख दाई ओर किया जाता है।
  • बीच में कार्यालय ज्ञापन लिखा जाता है।
  • विषय का संक्षेप में उल्लेख किया जाता है।
  • फिर मुख्य विषय-वस्तु का विवरण होता है, पहले पैराग्राफ के अलावा भी अगर अन्य पैराग्राफ लिखा जाना है तो पहले पैराग्राफ को छोड़कर अन्य पैराग्राफों में क्रम संख्या लिखी जाती है।
  • उसके नीचे जारी करने वाले अधिकारी का हस्ताक्षर, उसका पदनाम लिखा जाता है।
  • सबसे नीचे बाईं ओर इस ज्ञापन को पाने वाले अधिकारी, विभाग आदि का नाम लिखा जाता है।

यहाँ पर याद रखने वाली बात है कि ज्ञापन अन्य पुरुष की शैली में लिखा जाता है और इसमें अभिवादन को बताने वाले शब्दों जैसे कि महोदय, प्रिय महोदय आदि का इस्तेमाल नहीं क्या जाता है।

उदाहरण के लिए नीचे दिये गए प्रारूप को देख सकते हैं, अगर ठीक से नहीं दिखायी दे रहा हो तो डाउनलोड करके देख सकते हैं:

| अधिसूचना क्या है?

सूचना का अर्थ, सूचित करना या संकेत आदि करना होता है। इसको अँग्रेजी में नोटिस (notice) कहा जाता है। इसी सूचना में ‘अधि’ उपसर्ग लगा देने से अधिसूचना बना है, जिसका अर्थ किसी अधिकृत और विशिष्ट सूचना से है।

मतलब ये कि, किसी आवश्यक और महत्वपूर्ण बात की ओर विशेष रूप से ध्यान आकृष्ट कराने के लिए दी जाने वाली सूचना, अधिसूचना (notification) कहलाती है।  

नियुक्त, अवकाश, स्थानांतरण, पदोन्नति, अधिकार प्रदान करने, किसी कार्य की अवधि घटाने-बढ़ाने, नया नियम-उपनियम लागू करने अथवा सार्वजनिक महत्व की किसी बात की जानकारी देने के लिए केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा अपने राजपत्रों (Gazette) में प्रकाशित कराई जाने वाली सूचना को अधिसूचना कहा जाता है। 

कानूनी नियमों और आदेशों की घोषणा तथा प्रशासनिक शक्तियों को सौंपने की सूचना भी अधिसूचना के रूप में राजपत्र में प्रकाशित की जाती है।

| अधिसूचना का प्रारूप

अधिसूचना में बताया जाना आवश्यक होता है कि उसे राजपत्र (Gazette) के किस भाग में प्रकाशित किया जाना है, और उसका उल्लेख भी किया जाता है।

ज्ञापन की तरह अधिसूचना भी अन्य पुरुष की शैली में लिखा जाता है और इसमें भी अभिवादन को बताने वाले शब्दों जैसे कि महोदय, प्रिय महोदय आदि का इस्तेमाल नहीं क्या जाता है साथ ही अंत में इस्तेमाल किया जानेवाल शब्द ‘भवदीय’ आदि भी नहीं लिखा जाता है।

उदाहरण के लिए नीचे दिये गए प्रारूप को देख सकते हैं, अगर ठीक से नहीं दिखायी दे रहा हो तो डाउनलोड करके देख सकते हैं:

| ज्ञापन और अधिसूचना में कुल मिलाकर मुख्य अंतर

कुल मिलाकर देखें तो ज्ञापन और अधिसूचना; दोनों में सूचना देने का ही भाव होता  है, लेकिन इन दोनों में मुख्य अंतर यही है कि – किसी मंत्रियों या उच्च अधिकारियों को अथवा उच्च अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों को अथवा विभिन्न मंत्रालयों के बीच आदान-प्रदान की जानेवाली सूचना ज्ञापन है, जबकि सर्वसाधारण अथवा सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की जानकारी के लिए सरकार द्वारा गज़ट में प्रकाशित कराई जानेवाली सूचना अधिसूचना है। अधिसूचना सरकार की आधिकारिक सूचना होती जिसका एक कानूनी महत्व होता है। 

कुल मिलाकर यही है ज्ञापन और अधिसूचना, उम्मीद है समझ में आया होगा। नीचे अन्य लेखों का लिंक दिया जा रहा है उसे भी अवश्य पढ़ें।

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