न्यायपालिका (Judiciary) की समझ

इस लेख में हम न्यायपालिका (Judiciary) या यूं कहें कि भारत की न्यायिक व्यवस्था की बेसिक्स को समझेंगे और एक ग्राउंड तैयार करने की कोशिश करेंगे, जिसके आधार पर आगे हम पूरी न्यायिक व्यवस्था को सरल और सहज भाषा में समझने का प्रयास करेंगे। आप कार्यपालिका वाले लेख को जरूर पढ़ें ताकि आपको पता चल सकें की किस तरह से कार्यपालिका और न्यायपालिका को पढ़ा जाना चाहिए।

न्यायपालिका

न्यायपालिका (Judiciary)

लोकतंत्र को इसीलिए एक सफल संस्था माना जाता है क्योंकि इसमें समुचित न्याय की व्यवस्था होती है। प्रस्तावना में भी सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय का जिक्र किया गया है। न्यायपालिका सरकार से अलग सरकार का ही एक हिस्सा है, जो कानून के सर्वोच्चता को सुनिश्चित करता है।

दूसरे शब्दों में कहें तो ये न्याय व्यवस्था को तो सुनिश्चित करता ही है साथ ही साथ जरूरत पड़ने पर सरकार को भी दिशा निर्देशित करता है। ये दिशा निर्देशित इसलिए कर पाता है क्योंकि ये एक स्वतंत्र निकाय है।

और ये स्वतंत्र निकाय इसीलिए है क्योंकि विधायिका और कार्यपालिका अनावश्यक रूप से न्यायपालिका की प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल सकते हैं। सरकार और सरकार के अन्य अंग भी न्यायालय की प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल सकते हैं। इससे होता ये है कि न्यायपालिका बिना किसी भय और पक्षपात के अपना काम करते हैं।

न्यायपालिका की एकीकृत संरचना (Integrated Structure of Judiciary)

अगर वैसे देखें तो देश में संघीय व्यवस्था है। यानी कि केंद्र और राज्य की शक्तियाँ और अधिकार क्षेत्र अलग-अलग है। न्यायपालिका के मामले में व्यवस्था एकीकृत है। यानी कि उच्चतम न्यायालय सबसे ऊपर है, उसके नीचे उच्च न्यायालय और उसके नीचे अधीनस्थ न्यायालय है।

दूसरे शब्दों में कहें तो न्यायालय की शक्तियाँ उस तरह से बंटी हुई नहीं है जैसा कि केंद्र और राज्य के मध्य बंटी हुई है। बल्कि एक क्रम में निचली अदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय तक शक्तियाँ बढ़ती जाती है। आप इसे इस चार्ट में देख सकते हैं कि किस प्रकार ये एक एकीकृत व्यवस्था (Integrated system) को प्रदर्शित करता है।

न्यायपालिका संरचना चार्ट

न्यायपालिका
image source – ncert

इस चार्ट में बताए गए अधीनस्थ न्यायालय, जिला न्यायालय, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय; सबके बारे में विस्तार से अलग-अलग लेखों में समझेंगे। सबका लिंक नीचे दिया हुआ है,


उच्चतम न्यायालय: भूमिका, गठन, इत्यादि
उच्चतम न्यायालय की स्वतंत्रता
Judicial Review in India (भारत में न्यायिक समीक्षा)
Jurisdiction of Supreme Court (उच्चतम न्यायालय का क्षेत्राधिकार)
Supreme Court Advocates (उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता)
Judicial review of ninth schedule explained in hindi
judicial activism in India (न्यायिक सक्रियता: अर्थ, फायदे, आदि)
Public interest litigation in india (PIL) (जनहित याचिका)
High Court in India (उच्च न्यायालय: गठन, भूमिका, स्वतंत्रता)
Jurisdictions of High Court in India (उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार)
Difference between District and Sessions Court in hindi
Subordinate Courts (अधीनस्थ न्यायालय: अर्थ, संरचना, कार्यक्षेत्र आदि)
Lok Adalat in India (लोक अदालत: कार्य, विशेषताएँ आदि)
Gram Nyayalaya: village courts in india (ग्राम न्यायालय)
National Legal Services Authority in Hindi: NALSA
Family Court of India in Hindi (परिवार न्यायालय)

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