सहानुभूति और समानुभूति में अंतर। Difference in Sympathy and Empathy

इस लेख में हम सहानुभूति और समानुभूति (Sympathy and Empathy) के मध्य अंतर को स्पष्ट करेंगे। पूरा पढ़िये आपको अच्छा फील होगा

सहानुभूति और समानुभूति

सहानुभूति और समानुभूति में क्या अंतर है?
(Difference between Sympathy and Empathy)

💠 आइये पहले आपको एक छोटी सी कहानी सुनाते हैं। दो दोस्त था P1 और P2, P2 एक लड़की को बहुत ज्यादा पसंद करता था।

उस लड़के का एक ही ड्रीम था कि एक दिन वो उससे शादी कर लेगा। पर एक दिन उस लड़के को पता चला कि उस लड़की ने किसी और से शादी कर ली,

P2 उदास, निराश, रोते हुए P1 को सारी बाते बताया, एक दोस्त होने के नाते P1 उसे समझाया कि देखों तुम्हारे साथ वाकई बहुत बुरा हुआ है, पर तुम टेंशन मत लो सब ठीक हो जाएगा।

अब आप खुद ही सोचिए कि क्या P1 को पता भी है कि जब कोई छोड़ कर किसी और के साथ चला जाये तो कैसा फील होता है।

बिलकुल नहीं पता है पर फिर भी P1 उसे समझाने की कोशिश करता है, और उसके इस हालत के प्रति दुख व्यक्त करता है, क्योंकि वो उसका दोस्त है। उसे ऐसा करना भी चाहिए।

वक्त बदला, एक दिन P1 के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है, उसे भी वो छोड़ के चली जाती है, जिसे वो बहुत ज्यादा प्यार करता था, जिसे वो कभी खोना नहीं चाहता था।

इस बार P1 ने बहुत ही दुखी मन से P2 को सारी बातें समझायी। P2 ये सुनते ही रो पड़ा और उसने कहा मैं समझ सकता हूँ दोस्त तुमपे क्या बीत रहा होगा अभी।

अब P1 को भी इस बात का एहसास हो चुका था कि जब कोई अपना छोड़ के जाता है तो कितना तकलीफदेह होता है।

इस छोटी सी कहानी को याद रखिए और आगे पढ़िये, अब आपको आसानी से समझ में आ जाएगा कि सहानुभूति (Sympathy) और समानुभूति (Empathy) क्या है।

💠💠 जब किसी के साथ कुछ बुरा घटता है उस वक्त उसके प्रति जो फीलिंग्स हम व्यक्त करते हैं, उसे ही Sympathy या सहानुभूति कहा जाता है।

इसमें होता ये है कि किसी के साथ जब कुछ बुरा घटता है, या होता है। तो उसकी हालत देखकर हमें भी दुख होता है।

जबकि हमें कुछ भी नहीं पता कि सही में वो अभी कैसा महसूस कर रहा है, या फिर उसपे क्या बीत रहा है।

लेकिन उसकी हालत देखकर जितना भी हमें समझ आ रहा है, या फिर जितना भी हम महसूस कर पा रहे हैं, उस हिसाब से हम अपनी भावनाओं को प्रकट करते हैं।

आप ऊपर वाली कहानी को याद कीजिये, जब P2 ने P1 को अपनी आपबीती सुनायी थी तो P1 को इस बात का पूरी तरह से अंदाजा नहीं था कि सही में उसपर अभी क्या बीत रहा है।

बस P1 को इतना पता है कि P2 को काफी तकलीफ हुआ है। ये जो स्थिति है इसे कहते हैं सहानुभूति यानी कि Sympathy।

💠💠 इसे एक और उदाहरण से समझ लेते हैं, मान लीजिये कि किसी के पिताजी की मृत्यु हो जाती है, अब आपके अंदर इतनी फीलिंग्स तो होगी ही कि आप ये समझेंगे कि ये वाकई कितना दुखद है।

पर याद रखिए कि आप वो नहीं समझ रहे है जो वो पिता के खोने के बाद समझ रहा है, पर आप अपने हिसाब से कुछ तो समझ ही रहे हैं,

उसके दुखों को अपने हिसाब से आप जो कुछ भी समझ रहे हैं। यही तो उसके प्रति आपकी सहानुभूति है।

💠 सीधे-सीधे कहें तो सहानुभूति एक प्रकार की दुःख की भावनाएँ है जो हम किसी और के दुर्भाग्य के लिए हम प्रकट करते हैं।

💠 या फिर दूसरे शब्दों में कहें तो दूसरे के दुखों को अपने स्तर पर महसूस करने की योग्यता सहानुभूति है।

अब Empathy या फिर समानुभूति की बात करते हैं।

💠💠 समानुभूति भी एक प्रकार की योग्यता है। पर ये दूसरों की मनःस्थिति को बिलकुल उसी प्रकार से समझने की योग्यता है जिस प्रकार से सामने वाला उसे समझ रहा है।

💠 फिर से ऊपर बताए गए कहानी को याद कीजिये कि जब P1 के साथ भी वही घटना घटी और उसने P2 को सारी बातें बतायी।

अब चूंकि P2 इस प्रकार के घटना को स्वयं झेल चुका है, इसीलिए अब वो पूरी तरह से समझ रहा है कि वाकई P1 पे अभी क्या बीत रहा होगा।

तो अब जो P2 अपनी भावनाएं P1 के प्रति व्यक्त कर रहा है, वो समानुभूति (Empathy) है।

यानी कि जब हम किसी व्यक्ति के दुख या सुख को बिलकुल उसी तरह से समझ रहे होते हैं जैसे कि वो समझ रहा है तो हम उसे समानुभूति कहते हैं।

💠💠 इन दोनों को समझने के लिए एक सदाबहार उदाहरण है जो हमेशा दिया जाता है, वो ये है कि एक व्यक्ति के जूते में कुछ कंकड़ चला गया,

तो उसने ये बाते अपने बगल वाले को बताया कि जूते में कंकड़ चला गया है और बहुत दर्द कर रहा है, उसके बगल वाले ने कहा हा समझता हूँ कितना दर्द हो रहा होगा।

ये उसने उसके प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की। कंकड़ पहने जूते वाले व्यक्ति ने अपना जूता उस बगल वाले व्यक्ति को देते हुए कहा कि एक बार तुम इसे पहन कर देखो।

उसने जैसे ही पहना और कुछ दूर चला उसे इतना दर्द हुआ कि तुरंत खोल के रख दिया। और उसका रिएक्शन कुछ ऐसा था कि सही में अब मुझे पता चला कि कितना दर्द होता है।

💠 मतलब ये कि जब खुद पे बीतती है तब हमें दूसरों के दुखों का पता चलता है। और जब सही-सही हम दूसरों को फील करते हैं और उसे व्यक्त करते हैं तो हम उसे समानुभूति कहते हैं।

जब तक P1 के साथ वही घटना नहीं घटी तब तक P2 के प्रति उसकी जो फीलिंग थी उसे कहते हैं सहानुभूति।

और जब P1 खुद ये झेला और समझा कि ये कितना तकलीफ़देह है तब जो P2 के प्रति उसकी फीलिंग आई, उसे कहते हैं समानुभूति यानी कि Empathy।

समानुभूति (Empathy) के लिए एक बहुत ही अच्छा Quote है, जिसे कि आप को जरूर देखना चाहिए।

Empathy is…..
Seeing with the eyes of another.
Listening with the ears of another.
And feeling with the heart of another.

💠 कुल मिलाकर देखें तो Empathy बहुत ही गहरी अनुभूति है जब हम उसे उसी स्तर पर जाकर देखें जिस स्तर पर सामने वाला देख रहा है, उसी स्तर पर महसूस करें जिस स्तर पर सामने वाला कर रहा है, उसी स्तर पर सुने जिस स्तर पर सामने वाला सुन रहा है।

💠💠 Empathy की दुनिया में एक स्थिति और आती है, जहां चीज़ें और भी Next level पर चला जाता है।

यानी कि जब यही Empathy बहुत ही ज्यादा हो जाता है और उस व्यक्ति पर करुणा या दया आने लगती है कि नहीं इस व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।

और आपको उसकी किसी भी हालत में मदद करने का मन करने लगता है तो उसी को कहते हैं करुणात्मक समानुभूति या फिर Compassionate Empathy

💠💠 इसे उसी ऊपर वाले उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिये कि P1 की हालत को देखकर उसकी प्रेमिका को बहुत बुरा लगता, उसका मन विचलित करने लगता कि,

अब मुझे उसके पास लौट जाना चाहिए क्योंकि वाकई वो बहुत बुरी स्थिति में है। मुझे उसे नहीं छोड़ना चाहिए था, आदि। अगर वो ऐसा करती!

तो ये जो मदद करने वाली भाव उसके मन में आती, यही तो करुणात्मक समानुभूति या फिर Compassionate Empathy होता।

अब इन दोनों शब्दों ‘सहानुभूति और समानुभूतिको एक साथ रखकर इस चार्ट की मदद से इसे समझते हैं।

सहानुभूति और समानुभूति
में कुल मिलाकर अंतर

Sympathy v/s Empathy
सहानुभूति v/s समानुभूति
दूसरों के दुखों या पीड़ाओं को अपने स्तर पर महसूस करने की योग्यता को सहानुभूति (Sympathy) कहते हैं।
वहीं दूसरों के मनः स्थिति को बिलकुल उसी की तरह से महसूस करने की योग्यता को समानुभूति (Empathy) कहते हैं।
सहानुभूति (Sympathy) सिर्फ दूसरों के दुख और पीड़ा वाली स्थिति में व्यक्त किया जाता है। यानी कि यह एक सामान्य अनुभूति है।
जबकि समानुभूति (Empathy) एक गहरी अनुभूति है, और यह दूसरों के दुख और सुख दोनों प्रकार की स्थितियों में व्यक्त किया जाता है। तभी तो समानुभूति के लिए मनःस्थिति (Mood) शब्द का प्रयोग किया जाता है।
सहानुभूति (Sympathy) एक जनरल टर्म है, इसमें परायापन का भाव बना रहता है। तभी तो, जिसको हम नहीं जान रहे होते हैं, उसके दुखों के प्रति भी हमारे मन में सहानुभूति का भाव आ जाता है।
समानुभूति (Empathy) में परायापन खत्म हो जाता है, यानी कि इसमें अपनापन का भाव होता है, उसके लिए कुछ करने का भाव होता है। उसका दुख हमें अपना दुख लगता है, और उसकी खुशी हमें अपनी खुशी लगती है।
सहानुभूति (Sympathy) में मदद करने वाली भावना नहीं होती है।
जबकि समानुभूति (Empathy) में चूंकि अपनापन का भाव होता है, तो मदद करने की भावना भी मन में आ जाती है। और हम करते भी हैं।
सहानुभूति (Sympathy) में आप फील तो कर रहे होते हैं, पर वो फील नहीं कर रहे होते हैं जो वो कर रहा है, बल्कि आप वो फील करते हैं, जो उसको देखकर आपके मन में आता है।
जबकि समानुभूति (Empathy) में चूंकि आप खुद को उसकी जगह पर रख कर देखते हैं। इसीलिए आप exactly वही समझ पाते हैं, जो वो समझ रहा है।

आइये अब सहानुभूति और समानुभूति (Sympathy and Empathy) के जुड़े कुछ अन्य जरूरी तथ्यों पर गौर कर लेते हैं।

सहानुभूति और समानुभूति
से जुड़े अन्य तथ्य

💦 सहानुभूति और समानुभूति यानी कि Sympathy and Empathy दोनों ग्रीक भाषा के Pathos शब्द से बना है। पर दोनों का अलग-अलग संदर्भों में इस्तेमाल किया जाता है।

Sympathy, 16वीं सदी में जब ये इस्तेमाल में आना शुरू हुआ था तब इसका मतलब ”चीजों या लोगों के बीच गुणों में समझौता या सामंजस्य” होता था। धीरे-धीरे इसके प्रयोग में बदलाव आया।

यह शब्द अब सबसे अधिक उस व्यक्ति की भावनाओं, विचारों या विचारों का अनुभव करने की क्षमता का उल्लेख करने के लिए उपयोग किया जाता है।

💦💦 जबकि समानुभूति 1800 के उत्तरार्ध में सहानुभूति के कुछ सदियों बाद चलन में आया। उस समय के मनोवैज्ञानिकों ने इसे चलन में लाया।

यह शब्द अब सबसे अधिक उस व्यक्ति की भावनाओं, विचारों या विचारों का अनुभव करते हुए, दूसरे की स्थिति में खुद की कल्पना करने की क्षमता या क्षमता का उल्लेख करने के लिए उपयोग किया जाता है।

💦💦 धीरे-धीरे सहानुभूति और समानुभूति यानी कि Sympathy and Empathy के कई समानार्थी शब्द भी प्रचलन में आए, जिसे की आप नीचे देख सकते हैं।

💦 जैसे कि इस Condolence, ये भी एक प्रकार की सहानुभूति की अभिव्यक्ति है, पर विशेष रूप से किसी व्यक्ति के रिश्तेदार या करीबी व्यक्ति की मृत्यु के अवसर पर प्रकट की जानेवाली सहानुभूति।

💦 Warm-heartedness शब्द को ही देखें तो इसका भी मतलब सहानुभूति, स्नेह, दया, सौहार्द, आदि का होना या दिखाना होता है।

💦 Compassion शब्द को ही लें तो इसका भी मतलब ‘दूसरों के कष्टों या दुर्भाग्य के लिए चिंता’ होता है।

💦 इसी प्रकार congeniality शब्द को देखें तो ये एक सुखद वाली फीलिंग है जो आमतौर पर दोस्ती वाले रिश्ते में एक दूसरे को समझता है।

जैसे कि मान लीजिये कि आपका दोस्त किसी तरह से पास हो गया अगर उसे एक भी अंक कम आता तो वो फ़ेल कर जाता।

ऐसी स्थिति में एक अजीब सा माहौल बनता है, आदमी खुश भी होता है और नहीं भी। पर आप सही-सही समझते है कि उसे कितनी खुशी हो रही होगी कि वो मात्र एक अंक से पास कर गया है,

पर थोड़ी सी दुखी भी है कि वो और अंक डीजर्व करता था। ये शब्द Empathy के ज्यादा करीब है।

सहानुभूति तब होती है जब आप दूसरे की भावनाओं को साझा करते हैं; समानुभूति तब होती है जब आप दूसरे की भावनाओं को समझते हैं लेकिन जरूरी नहीं कि उन्हें साझा करें।

◼◼◼◼◼

Download PDF

कुछ बेहतरीन संबन्धित लेख

क्षमता और योग्यता में अंतर
Difference in capacity and ability
क्षमता और योग्यता में अंतर क्या है

समाचार और संवाद में अंतर
Difference between news and communication

समाचार और संवाद में अंतर

Follow me on….⬇️

अन्य बेहतरीन लेख⬇️

mind games
स्वास्तिक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *