यह लेख अनुच्छेद 2 (Article 2) का यथारूप संकलन है। आप इसका हिन्दी और इंग्लिश दोनों अनुवाद पढ़ सकते हैं। आप इसे अच्छी तरह से समझ सके इसीलिए इसकी व्याख्या भी नीचे दी गई है आप उसे जरूर पढ़ें।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 2 नए क्षेत्रों या क्षेत्रों को भारत संघ में शामिल करने की संसद की शक्ति से संबंधित है। यह संसद को भारतीय संघ के हिस्से के रूप में नए क्षेत्रों या क्षेत्रों के प्रवेश, स्थापना या गठन के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है।

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Article 2

📜 अनुच्छेद 2 (Article 2)

2.  नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना – संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी।
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2.  Admission or Establishment of New States – Parliament may by law admit into the Union, or establish, new States on such terms and conditions as it thinks fit.
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🔍 Article 2 Explanation in Hindi

अनुच्छेद 2 में कहा गया है कि संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी।

मुख्य रूप से इसके दो निहितार्थ हैं –

पहला कि संसद को ये शक्ति दी गई है कि वे नये राज्यों का भारतीय संघ में प्रवेश (Admit) करा सकती है। लेकिन इस शक्ति के तहत उसी राज्य को भारत में प्रवेश कराया जा सकता है जो पहले से अस्तित्व में है।

दूसरा – संसद नये राज्यों का गठन (Establish) कर सकती है। लेकिन इस शक्ति के तहत उस राज्य को भारत में प्रवेश कराया जा सकता है जो पहले से अस्तित्व में नहीं है।

उदाहरण के लिए सिक्किम को लें सकते हैं यह भारतीय संघ का हिस्सा नहीं था, इसे 1975 में भारतीय संघ में प्रवेश कराया गया।

कुल मिलाकर अनुच्छेद 2 उन राज्यों के भारत में प्रवेश एवं गठन से संबन्धित है जो भारतीय संघ का हिस्सा नहीं है। अगर टेक्निकली देखें तो संघ (Union) में केवल राज्य आते हैं, और क्षेत्र (Territory) में राज्य, UTs और अन्य क्षेत्र भी आते हैं। इस हिसाब से अगर किसी UT को भारतीय संघ का राज्य बनाया जाए तो यह अनुच्छेद 2 के तहत हो सकता है।

इसे दूसरे उदाहरण से इस तरह से भी समझ सकते हैं कि जब भारत द्वारा किसी क्षेत्र को अधिगृहीत किया जाएगा तब वो भारतीय राज्यक्षेत्र (Territory) का हिस्सा तो बन जाएगा लेकिन उसे संघ में शामिल कराना होगा, तभी वो भारतीय संघ का हिस्सा बनेगा। और यह काम केवल संसद ही अधिनियमन द्वारा कर सकती है। 

याद रखें, अनुच्छेद 2 भारतीय संघ में नए राज्यों के प्रवेश की अनुमति देता है, जबकि अनुच्छेद 3 भारत संघ के भीतर नए राज्यों के गठन या मौजूदा राज्यों की सीमाओं, क्षेत्रों या नामों में परिवर्तन की अनुमति देता है। कहने का अर्थ ये है कि अनुच्छेद 2 के तहत भारतीय संघ का भौगोलिक विस्तार हो सकता है।

इसे आप अनुच्छेद 1 के तीसरे प्रावधान से भी जोड़कर देख सकते हैं क्योंकि उसमें कहा गया है कि अभी जो भारतीय संघ की स्थिति है वो अंतिम नहीं है बल्कि अगर भारत सरकार किसी नए क्षेत्र का अधिग्रहण करती है तो वो भी भारतीय संघ का हिस्सा बन जाएगा।

FAQs Related to Article 2

यहां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 2 के बारे में कुछ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) उनके उत्तरों के साथ दिए गए हैं:

Q1. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 2 किस बारे में है?

उत्तर: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 2 संसद को नए क्षेत्र या क्षेत्रों को भारत संघ में शामिल करने का अधिकार देता है।

Q2. क्या अनुच्छेद 2 किसी क्षेत्र को भारत में शामिल करने की अनुमति देता है?

उत्तर: हां, अनुच्छेद 2 संसद को कुछ संवैधानिक प्रावधानों के अधीन किसी भी क्षेत्र को भारत संघ में शामिल करने का अधिकार देता है।

Q3. क्या संसद अनुच्छेद 2 के तहत किसी विदेशी देश को भारत का हिस्सा मान सकती है?

उत्तर: नहीं, संसद किसी भी देश को भारत का हिस्सा नहीं मान सकती है क्योंकि दूसरा देश भी तो संप्रभु और स्वतंत्र है। इसीलिए अनुच्छेद 1 में यह स्पष्ट किया गया है कि वे राज्य भारतीय संघ का हिस्सा होंगे जिसे कि अर्जित (acquire) किया जाएगा।

Q4. क्या अनुच्छेद 2 के तहत प्रवेश के लिए संबंधित राज्य की सहमति आवश्यक है?

उत्तर: हां, अनुच्छेद 2 के तहत किसी नए क्षेत्र के प्रवेश के लिए आम तौर पर संबंधित राज्य की सहमति आवश्यक होती है। हालांकि, विशिष्ट परिस्थितियों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर अपवाद हो सकते हैं।

Q5. अनुच्छेद 2 के अंतर्गत किसी नये क्षेत्र को स्वीकार करने की प्रक्रिया क्या है?

उत्तर: किसी नए क्षेत्र को स्वीकार करने की प्रक्रिया में संसद द्वारा क्षेत्र के प्रवेश, स्थापना या गठन के लिए एक कानून पारित करना शामिल है। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए राष्ट्रपति की सहमति और संसद की सिफारिश आवश्यक है।

Q6. क्या अनुच्छेद 2 का उपयोग मौजूदा राज्यों की सीमाओं को बदलने के लिए किया जा सकता है?

उत्तर: नहीं, मौजूदा राज्यों की सीमाओं को बदलने की शक्ति मुख्य रूप से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के अंतर्गत आती है, अनुच्छेद 2 के अंतर्गत नहीं।

Q7. क्या अनुच्छेद 2 में किसी संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता है?

उत्तर: नहीं, अनुच्छेद 2 के मामले में अनुच्छेद 368 के तहत संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता नहीं है। यह भारतीय संविधान के मौजूदा ढांचे के अंतर्गत आता है और संसद द्वारा स्थापित संवैधानिक प्रावधानों के तहत इसका प्रयोग किया जा सकता है।

Q8. क्या अनुच्छेद 2 के अंतर्गत नए क्षेत्रों के प्रवेश पर कोई सीमाएँ हैं?

उत्तर: हां, अनुच्छेद 2 के तहत नए क्षेत्रों का प्रवेश संवैधानिक सीमाओं के अधीन है, जैसे मौलिक अधिकारों, संघवाद के सिद्धांतों का अनुपालन सुनिश्चित करना और संबंधित राज्यों और उनके निवासियों के हितों की रक्षा करना।

Q9. क्या अनुच्छेद 2 में संशोधन किया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, भारतीय संविधान के अन्य प्रावधानों की तरह, अनुच्छेद 2 को निर्धारित संवैधानिक संशोधन प्रक्रिया के माध्यम से संशोधित किया जा सकता है, जैसा कि अनुच्छेद 368 में उल्लिखित है। हालाँकि, किसी भी संशोधन को संविधान की मूल संरचना और आवश्यक विशेषताओं का पालन करना चाहिए।

Q10. क्या अनुच्छेद 2 के अंतर्गत स्वीकृत क्षेत्रों की सूची निश्चित है?

उत्तर: नहीं, अनुच्छेद 2 के तहत स्वीकृत क्षेत्रों की सूची निश्चित नहीं है। यह संसद के निर्णयों और क्षेत्रों के प्रवेश को नियंत्रित करने वाले संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर समय के साथ बदल सकता है।

तो यही है अनुच्छेद 2 (Article 2), उम्मीद है आपको समझ में आया होगा। दूसरे अनुच्छेदों को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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अनुच्छेद 2 (Article 2) क्या है?

नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना – संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी। [ज्यादा जानकारी के लिए व्याख्या पढ़ें]

अस्वीकरण – यहाँ प्रस्तुत अनुच्छेद और उसकी व्याख्या, मूल संविधान (नवीनतम संस्करण), संविधान पर डी डी बसु की व्याख्या (मुख्य रूप से), एनसाइक्लोपीडिया, संबंधित मूल अधिनियम और संविधान के विभिन्न ज्ञाताओं (जिनके लेख समाचार पत्रों, पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर ऑडियो-विजुअल्स के रूप में उपलब्ध है) पर आधारित है। हमने बस इसे रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने का प्रयास किया है।