यह लेख Article 232 (अनुच्छेद 232) का यथारूप संकलन है। आप इस मूल अनुच्छेद का हिन्दी और इंग्लिश दोनों संस्करण पढ़ सकते हैं। आप इसे अच्छी तरह से समझ सके इसीलिए इसकी व्याख्या भी नीचे दी गई है आप उसे जरूर पढ़ें, और MCQs भी सॉल्व करें।

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📜 अनुच्छेद 232 (Article 232) – Original

भाग 6 “राज्य” [अध्याय 5 — राज्य का विधान मंडल] [राज्यों के उच्च न्यायालय]
232. निर्वचन — [संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 6 द्वारा (1-11-1956 से) अनुच्छेद 230, 231 और 232 के स्थान पर अनुच्छेद 230, और 231 को प्रतिस्थापित किया गया]।
अनुच्छेद 232 हिन्दी संस्करण

Part VI “State” [CHAPTER V — The State Legislature] [The High Courts in the States]
232. Interpretation— Articles 230, 231 and 232 subs. by articles 230 and 231 by the Constitution (Seventh Amendment) Act, 1956, s. 16 (w.e.f. 1-11-1956)].
Article 232 English Version

🔍 Article 232 Explanation in Hindi

भारतीय संविधान का भाग 6, अनुच्छेद 152 से लेकर अनुच्छेद 237 तक कुल 6 अध्यायों (Chapters) में विस्तारित है (जिसे कि आप नीचे टेबल में देख सकते हैं)।

ChaptersTitleArticles
Iसाधारण (General)Article 152
IIकार्यपालिका (The Executive)Article 153 – 167
IIIराज्य का विधान मंडल (The State Legislature)Article 168 – 212
IVराज्यपाल की विधायी शक्ति (Legislative Power of the Governor)Article 213
Vराज्यों के उच्च न्यायालय (The High Courts in the States)Article 214 – 232
VIअधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Courts)Article 233 – 237
[Part 6 of the Constitution]

जैसा कि आप ऊपर देख सकते हैं, इस भाग के अध्याय 5 का नाम है “राज्यों के उच्च न्यायालय (The High Courts in the States)” और इसका विस्तार अनुच्छेद 214 से लेकर 232 तक है। इस लेख में हम अनुच्छेद 232 को समझने वाले हैं;

अनुच्छेद 147 – भारतीय संविधान
Closely Related to Article 232

| अनुच्छेद 232 – निर्वचन (Interpretation)

न्याय (Justice) लोकतंत्र का एक आधारभूत स्तंभ है क्योंकि यह व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करता है, कानून के शासन को बनाए रखता है, संघर्ष के समाधान की सुविधा देता है और निष्पक्षता और समानता को बढ़ावा देता है। यह लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करता है और समाज की समग्र भलाई और स्थिरता में योगदान देता है।

भारत में इसे सुनिश्चित करने के लिए संविधान द्वारा एकीकृत न्यायिक व्यवस्था (Integrated Judiciary System) की शुरुआत की गई है। इस व्यवस्था में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) सबसे शीर्ष पर आता है, उसके बाद राज्यों उच्च न्यायालय (High Court) आता है और फिर उसके बाद जिलों का अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Court)।

संविधान का भाग 6, अध्याय V, राज्यों के उच्च न्यायालय की बात करता है। अनुच्छेद 232 के तहत निर्वचन (Interpretation) था बिलकुल वैसे ही जैसे कि अनुच्छेद 147 के तहत उच्चतम न्यायालय के संदर्भ में था।

हालांकि संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 के द्वारा अनुच्छेद 232 को समाप्त कर दिया गया। दरअसल अनुच्छेद 230, 231 और 232 के स्थान पर अनुच्छेद 230, और 231 को प्रतिस्थापित किया गया। इसीलिए अब अनुच्छेद 230 और 231 ही अस्तित्व में है तो उसे अवश्य पढ़ें;

अनुच्छेद 230 – भारतीय संविधान
अनुच्छेद 231 – भारतीय संविधान
Must Read

तो यही है अनुच्छेद 232 , उम्मीद है आपको समझ में आया होगा। दूसरे अनुच्छेदों को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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Chapter Wise Polity Quiz

उच्च न्यायालय बेसिक्स अभ्यास प्रश्न

  1. Number of Questions – 8 
  2. Passing Marks – 75  %
  3. Time – 6 Minutes
  4. एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।

1 / 8

दिए गए कथनों में से सही कथन की पहचान करें;

  1. अनुच्छेद 224 के तहत राष्ट्रपति कुछ खास परिस्थितियों में योग्य व्यक्तियों को हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीशों के रूप में अस्थायी रूप से नियुक्त कर सकते हैं.
  2. उच्च न्यायालय में सेवानिवृत न्यायाधीश भी काम कर सकते हैं।
  3. अनुच्छेद 224 (क) अतिरिक्त और कार्यकारी न्यायाधीश से संबंधित है।
  4. उच्च न्यायालय के न्यायधीश को संसद द्वारा उसी विधि से हटाया जा सकता है जिस विधि से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।

2 / 8

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के संदर्भ में दिए गए कथनों में से सही कथन की पहचान करें;

  1. उच्च न्यायालय में कितने न्यायाधीश होंगे यह उच्चतम न्यायालय तय करता है।
  2. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राज्यपाल करता है।
  3. किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए कम से कम 10 वर्षों तक उसी न्यायालय में अधिवक्ता रहना जरूरी है।
  4. संविधान में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्त के लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है

3 / 8

संविधान का कौन सा भाग उच्च न्यायालय से संबन्धित है?

4 / 8

दिए गए कथनों में से सही कथन की पहचान करें;

  1. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा का शपथ लेता है।
  2. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के कार्यकाल की समाप्ति 65 वर्ष की आयु में होती है।
  3. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए न्यायाधीश जांच अधिनियम 1968 का सहारा लेना पड़ सकता है।
  4. अनुच्छेद 222 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्थानांतरण से संबन्धित है।

5 / 8

निम्न में से कौन सी बातें उच्च न्यायालय की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करता है?

6 / 8

संविधान के किस संशोधन द्वारा संसद को अधिकार दिया गया है कि वह दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना कर सकेगी?

7 / 8

किन स्थितियों में अनुच्छेद 223 के तहत राष्ट्रपति किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उच्च न्यायालय का ‘कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश’ नियुक्त कर सकता है?

8 / 8

उच्च न्यायालय (high Court) के संबंध में दिए गए कथनों में से सही कथन का चुनाव करें;

  1. अनुच्छेद 214 के तहत प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय की व्यवस्था की गई है.
  2. उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार केवल उस राज्य तक ही सीमित रह सकती है।
  3. 2021 तक भारत में 24 उच्च न्यायालय अस्तित्व में है।
  4. बंबई उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित है।

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मौलिक अधिकार बेसिक्स
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अस्वीकरण – यहाँ प्रस्तुत अनुच्छेद और उसकी व्याख्या, मूल संविधान (उपलब्ध संस्करण), संविधान पर डी डी बसु की व्याख्या (मुख्य रूप से), प्रमुख पुस्तकें (एम. लक्ष्मीकान्त, सुभाष कश्यप, विद्युत चक्रवर्ती, प्रमोद अग्रवाल इत्यादि) एनसाइक्लोपीडिया, संबंधित मूल अधिनियम और संविधान के विभिन्न ज्ञाताओं (जिनके लेख समाचार पत्रों, पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर ऑडियो-विजुअल्स के रूप में उपलब्ध है) पर आधारित है। हमने बस इसे रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने का प्रयास किया है।