यह लेख Article 236 (अनुच्छेद 236) का यथारूप संकलन है। आप इस मूल अनुच्छेद का हिन्दी और इंग्लिश दोनों संस्करण पढ़ सकते हैं। आप इसे अच्छी तरह से समझ सके इसीलिए इसकी व्याख्या भी नीचे दी गई है आप उसे जरूर पढ़ें, और MCQs भी सॉल्व करें।

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📜 अनुच्छेद 236 (Article 236) – Original

भाग 6 “राज्य” [अध्याय 6अधीनस्थ न्यायालय]
236. निर्वचन—इस अध्याय में,
(क) “जिला न्यायाधीश” पद के अंतर्गत नगर सिविल न्यायालय का न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश, संयुक्त जिला न्यायाधीश, सहायक जिला न्यायाधीश, लघ॒वाद न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, मुख्य प्रेसिडेंसी मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य प्रेसिडेसी मजिस्ट्रेट, सेशन न्यायाधीश, अपर सेशन न्यायाधीश और सहायक सेशन न्यायाधीश हैं ;

(ख) “न्यायिक सेवा” पद से ऐसी सेवा अभिप्रेत है जो अनन्यतः ऐसे व्यक्तियों से मिलकर बनी है, जिनके द्वारा जिला न्यायाधीश के पद का और जिला न्यायाधीश के पद से अवर अन्य सिविल न्यायिक पदों का भरा जाना आशयित है।
अनुच्छेद 236 हिन्दी संस्करण

Part VI “State” [CHAPTER VISubordinate Courts]
236. Interpretation— In this Chapter—
(a) the expression “district judge” includes judge of a city civil court, additional district judge, joint district judge, assistant district judge, chief judge of a small cause court, chief presidency magistrate, additional chief presidency magistrate, sessions judge, additional sessions judge and assistant sessions Judge;

(b) the expression “judicial service” means a service consisting exclusively of persons intended to fill the post of district judge and other civil judicial posts inferior to the post of district judge.
Article 236 English Version

🔍 Article 236 Explanation in Hindi

भारतीय संविधान का भाग 6, अनुच्छेद 152 से लेकर अनुच्छेद 237 तक कुल 6 अध्यायों (Chapters) में विस्तारित है (जिसे कि आप नीचे टेबल में देख सकते हैं)।

ChaptersTitleArticles
Iसाधारण (General)Article 152
IIकार्यपालिका (The Executive)Article 153 – 167
IIIराज्य का विधान मंडल (The State Legislature)Article 168 – 212
IVराज्यपाल की विधायी शक्ति (Legislative Power of the Governor)Article 213
Vराज्यों के उच्च न्यायालय (The High Courts in the States)Article 214 – 232
VIअधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Courts)Article 233 – 237
[Part 6 of the Constitution]

जैसा कि आप ऊपर देख सकते हैं, इस भाग के अध्याय 6 का नाम है “अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Courts)” और इसका विस्तार अनुच्छेद 233 से लेकर 237 तक है। इस लेख में हम अनुच्छेद 236 को समझने वाले हैं;

अनुच्छेद 233A – भारतीय संविधान
Closely Related to Article 236

| अनुच्छेद 236 – निर्वचन (Interpretation)

न्याय (Justice) लोकतंत्र का एक आधारभूत स्तंभ है क्योंकि यह व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करता है, कानून के शासन को बनाए रखता है, संघर्ष के समाधान की सुविधा देता है और निष्पक्षता और समानता को बढ़ावा देता है। यह लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करता है और समाज की समग्र भलाई और स्थिरता में योगदान देता है।

भारत में इसे सुनिश्चित करने के लिए संविधान द्वारा एकीकृत न्यायिक व्यवस्था (Integrated Judiciary System) की शुरुआत की गई है। इस व्यवस्था में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) सबसे शीर्ष पर आता है, उसके बाद राज्यों उच्च न्यायालय  (High Court) आता है और फिर उसके बाद जिलों का अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Court)।

संविधान का भाग 6, अध्याय VI, राज्यों के अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Courts) की बात करता है। अनुच्छेद 236 के तहत निर्वचन (Interpretation) के बारे में बताया गया है।

अनुच्छेद 236 के तहत दो टर्म्स को परिभाषित किया गया है; (1) जिला न्यायाधीश (District Judge), और (2) न्यायिक सेवा (Judicial Service)।

जिला न्यायाधीश (District Judge): अनुच्छेद 236(क) के तहत जिला न्यायाधीश (District Judge) के बारे में बताया गया है। दरअसल अनुच्छेद 233, 233A, 234, एवं 235 में जिला न्यायाधीश (District Judge) शब्द का इस्तेमाल किया गया है लेकिन वहाँ पर इसे परिभाषित नहीं किया गया है कि जिला न्यायाधीश (District Judge) है क्या या फिर इसके अंतर्गत कौन-कौन से न्यायाधीश आते हैं।

इसी को अनुच्छेद 236 में परिभाषित किया गया है ताकि संविधान के भाग 6 के अध्याय 6 के तहत अनुच्छेद 233 से अनुच्छेद 237 तक जहां भी जिला न्यायाधीश (District Judge) शब्द का इस्तेमाल किया गया है वहां इसका मतलब स्पष्ट रहें;

इसके तहत बताया गया है कि “जिला न्यायाधीश (District Judge)” पद के अंतर्गत निम्नलिखित न्यायाधीश आते हैं;

  • नगर सिविल न्यायालय का न्यायाधीश (judge of a city civil court),
  • अपर जिला न्यायाधीश (additional district judge),
  • संयुक्त जिला न्यायाधीश (joint district judge),
  • सहायक जिला न्यायाधीश (assistant district judge),
  • लघ॒वाद न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश (chief judge of a small cause court),
  • मुख्य प्रेसिडेंसी मजिस्ट्रेट (chief presidency magistrate),
  • अपर मुख्य प्रेसिडेसी मजिस्ट्रेट (additional) chief presidency magistrate),
  • सेशन न्यायाधीश (sessions judge),
  • अपर सेशन न्यायाधीश (additional sessions judge), और
  • सहायक सेशन न्यायाधीश (assistant sessions Judge)।

न्यायिक सेवा (Judicial Service): अनुच्छेद 236(ख) के तहत न्यायिक सेवा (Judicial Service) के बारे में बताया गया है। दरअसल अनुच्छेद 233A, 234, 235, एवं 237 में न्यायिक सेवा (Judicial Service) शब्द का इस्तेमाल किया गया है लेकिन वहाँ पर इसे परिभाषित नहीं किया गया है कि न्यायिक सेवा (Judicial Service) है क्या या फिर इसके अंतर्गत कौन-कौन सी सेवाएं आते हैं।

इसी को अनुच्छेद 236 में परिभाषित किया गया है ताकि संविधान के भाग 6 के अध्याय 6 के तहत अनुच्छेद 233 से अनुच्छेद 237 तक जहां भी न्यायिक सेवा (Judicial Service) शब्द का इस्तेमाल किया गया है वहां इसका मतलब स्पष्ट रहें;

इसके तहत बताया गया है कि न्यायिक सेवा (Judicial Service) पद के अंतर्गत निम्नलिखित सेवाएं आते हैं;

पहला) ऐसी सेवा है जो केवल (exclusively) ऐसे व्यक्तियों से मिलकर बनी है, जिनके द्वारा जिला न्यायाधीश के पद का भरा जाना है; और,

दूसरा) जिला न्यायाधीश के पद से अवर (यानि कि निचला, कनिष्ठ या छोटा) अन्य सिविल न्यायिक पदों का भरा जाना है।

कुल मिलाकर, संविधान के भाग 6 के अध्याय 6 के तहत अनुच्छेद 233 से अनुच्छेद 237 तक जहां भी जिला न्यायाधीश (District Judge) और न्यायिक सेवा (Judicial Service) शब्द का इस्तेमाल किया गया है वहां इसका मतलब आपको वही समझना है जो कि अनुच्छेद 236 में (यानि इस लेख में) बताया गया है।

तो यही है अनुच्छेद 236, उम्मीद है आपको समझ में आया होगा। दूसरे अनुच्छेदों को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जिला एवं सत्र न्यायालय में अंतर (Difference b/2 District and Session Court)
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Chapter Wise Polity Quiz

अधीनस्थ न्यायालय अभ्यास प्रश्न

  1. Number of Questions – 5 
  2. Passing Marks – 80 %
  3. Time – 4 Minutes
  4. एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।

1 / 5

न्यायिक सेवा को किस अनुच्छेद के तहत परिभाषित किया गया है?

2 / 5

जिला न्यायाधीश (district judge) के संबंध में दिए गए कथनों में से सही कथन का चुनाव करें;

  1. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा की जाती है।
  2. जिला न्यायाधीश बनने के लिए कम से कम 5 वर्ष अधिवक्ता होना जरूरी होता है।
  3. जिला न्यायाधीश की नियुक्ति की सिफ़ारिश राज्यपाल द्वारा की जाती है।
  4. अनुच्छेद 233 (क) जिला न्यायाधीश के पद पर नियुक्त होने वाले व्यक्ति की अर्हता के बारे में है।

3 / 5

अधीनस्थ न्यायालय की संरचना के बारे में इनमें से कौन सा तथ्य सही है?

  1. जिला न्यायालय के नीचे अधीनस्थ न्यायाधीश का न्यायालय आता है।
  2. सत्र न्यायालय के नीचे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी का न्यायालय आता है।
  3. अधीनस्थ न्यायाधीश के न्यायालय के नीचे केवल न्यायिक दंडाधिकारी का न्यायालय आता है।
  4. मुंसिफ़ अदालत और न्यायिक दंडाधिकारी का अदालत एक ही स्तर पर होता है।

4 / 5

दिए गए कथनों में से सही कथन का चुनाव करें;

  1. जिला स्तर पर सबसे बड़ा न्यायिक अधिकारी होता है जिला न्यायाधीश.
  2. जिला न्यायाधीश किसी आरोपी को मृत्युदंड नहीं दे सकता है।
  3. कुछ राज्यों में पंचायत न्यायालय भी छोटे दीवानी एवं फ़ौजदारी मामलों की सुनवाई करते हैं।
  4. जिला न्यायाधीश जिला और सत्र दोनों न्यायालयों में सुनवाई कर सकता है।

5 / 5

अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Courts) के संबंध में दिए गए कथनों में से सही कथन का चुनाव करें;

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भारतीय संविधान
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मौलिक अधिकार बेसिक्स
भारत की न्यायिक व्यवस्था
भारत की कार्यपालिका
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अस्वीकरण – यहाँ प्रस्तुत अनुच्छेद और उसकी व्याख्या, मूल संविधान (उपलब्ध संस्करण), संविधान पर डी डी बसु की व्याख्या (मुख्य रूप से), प्रमुख पुस्तकें (एम. लक्ष्मीकान्त, सुभाष कश्यप, विद्युत चक्रवर्ती, प्रमोद अग्रवाल इत्यादि) एनसाइक्लोपीडिया, संबंधित मूल अधिनियम और संविधान के विभिन्न ज्ञाताओं (जिनके लेख समाचार पत्रों, पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर ऑडियो-विजुअल्स के रूप में उपलब्ध है) पर आधारित है। हमने बस इसे रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने का प्रयास किया है।