यह लेख अनुच्छेद 54 (Article 54) का यथारूप संकलन है। आप इसका हिन्दी और इंग्लिश दोनों अनुवाद पढ़ सकते हैं। आप इसे अच्छी तरह से समझ सके इसीलिए इसकी व्याख्या भी नीचे दी गई है आप उसे जरूर पढ़ें।

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अनुच्छेद 54

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📜 अनुच्छेद 54 (Article 54)

54. राष्ट्रपति का निर्वाचन — राष्ट्रपति का निर्वाचन ऐसे निर्वाचकगण के सदस्य करेंगे जिसमें –
(क) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य; और
(ख) राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य,
होंगे।
1[स्पष्टीकरण – इस अनुच्छेद और अनुच्छेद 55 में, “राज्य” के अंतर्गत दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र और *पांडिचेरी संघ राज्यक्षेत्र हैं।]
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1. संविधान (सत्तरवां संशोधन) अधिनियम, 1992 की धारा 2 द्वारा (1-6-1995 से) अंतःस्थापित।
*पांडिचेरी (नाम परिवर्तन) अधिनियम, 2006 (2006 का 44) की धारा 3 द्वारा (1-10-2006 से) अब यह पुडुचेरी है।
अनुच्छेद 54
54. Election of President — The President shall be elected by the members of an electoral college consisting of—
(a) the elected members of both Houses of Parliament; and
(b) the elected members of the Legislative Assemblies of the States.

1[Explanation.—In this article and in article 55, “State” includes the National Capital Territory of Delhi and the Union territory of *Pondicherry.]
————————
1. Ins. by the Constitution (Seventieth Amendment) Act, 1992, s. 2 (w.e.f. 1-6-1995).
*Now Puducherry vide the Pondicherry (Alteration of Name) Act, 2006 (44 of 2006), s. 3 (w.e.f. 1-10-2006).
Article 54

🔍 Article 54 Explanation in Hindi

अनुच्छेद 52 से लेकर 151 तक भारतीय संविधान के भाग 5 के तहत आता है। भाग 5 को 5 अध्यायों में बांटा गया है। इसी का पहला अध्याय है – कार्यपालिका (Executive)

कार्यपालिका के तहत अनुच्छेद 52 से लेकर 78 तक आते हैं। और इस भाग के अंतर्गत संघ के कार्यपालिका की चर्चा की गई है। जिसके तहत राष्ट्रपति (President), उप-राष्ट्रपति (vice president), मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) एवं महान्यायवादी (Attorney General) आते हैं।

कार्यपालिका के तहत यहाँ प्रधानमंत्री की चर्चा इसीलिए नहीं की गई है क्योंकि मंत्रिपरिषद का मुखिया ही प्रधानमंत्री होता है।

यहाँ यह याद रखिए कि संविधान के भाग 5 को संघ या The Union के नाम से भी जाना जाता है।

कुल मिलाकर संविधान के भाग 5 के अंतर्गत अनुच्छेद 52 से लेकर अनुच्छेद 151 तक आता है। इस लेख में हम अनुच्छेद 54 को समझने वाले हैं;

अनुच्छेद-39 – भारतीय संविधान
अनुच्छेद-21 – भारतीय संविधान
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| अनुच्छेद 54 – राष्ट्रपति का निर्वाचन

अनुच्छेद 54 में निर्वाचक मंडल (Electoral College) की बात कही गयी है। निर्वाचक मंडल मतलब वो जो राष्ट्रपति को चुनेंगी। चूंकि राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष विधि से होता नहीं है इसीलिए निर्वाचक मंडल (Electoral College) की व्यवस्था की गयी है।

अब सवाल ये आता है कि इस निर्वाचक मंडल में कौन लोग होते हैं? ये अनुच्छेद 54 में साफ-साफ वर्णित है। निर्वाचक मंडल में निम्नलिखित लोग होते हैं –

1. संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य, 2. राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्य तथा, 3. दिल्ली व पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।

यहाँ पर याद रखने वाली बात ये है कि मनोनीत (Nominated) सदस्य को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता है। यानी कि वे सदस्य जो किसी भी तरीके से चुना नहीं गया है। बल्कि सीधे भर्ती कर दिया गया है।

तो याद रखिए कि संसद के दोनों सदनों के मनोनीत सदस्य, राज्य विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य तथा दिल्ली तथा पुडुचेरी विधानसभा के मनोनीत सदस्य राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग नहीं लेते हैं।

एक और बात ये है कि जम्मू और कश्मीर को भी केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया है, और वहाँ भी विधानसभा होगी। इसीलिए अब उसको भी दिल्ली और पुडुचेरी के साथ ही रखा जाएगा।

राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया

अनुच्छेद 54 ➡ राष्ट्रपति के चुनाव में कौन-कौन से लोग भाग लेंगे उसके बारे में है।

वहीं अनुच्छेद 55 ➡ राष्ट्रपति चुनाव के प्रक्रिया क्या है उसके बारे में है।

ये दो अनुच्छेद तो राष्ट्रपति चुनाव के बारे में बताता ही है साथ ही साथ अनुच्छेद 57 बताता है कि क्या कोई दोबारा राष्ट्रपति बन सकता है।

अनुच्छेद 58 बताता है कि राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए अर्हताएँ (Qualifications) क्या-क्या है। 

अनुच्छेद 62 बताता है कि अगर राष्ट्रपति का पद खाली है या होने वाला है तो कब तक चुनाव कराना आवश्यक है।

यहाँ यह याद रखिए कि ये सारे अनुच्छेद राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी सारी बातें नहीं बताता है, जैसे कि नामांकन प्रक्रिया, मतदान का तरीका एवं वोटों की गिनती आदि।

उपरोक्त सारी चीजों को समझने के लिए आपको राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम 1952 (Presidential and Vice Presidential Election Act 1952) को समझना होगा।

राष्ट्रपति चुनाव की पूरी प्रक्रिया समझने के लिए पढ़ें –  राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया

तो यही है अनुच्छेद 54, उम्मीद है आपको समझ में आया होगा। दूसरे अनुच्छेदों को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अनुच्छेद-31(ख) – भारतीय संविधान
अनुच्छेद-31(क) – भारतीय संविधान
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अनुच्छेद 54 (Article 54) क्या है?

राष्ट्रपति का निर्वाचन ऐसे निर्वाचकगण के सदस्य करेंगे जिसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य होंगे।
विस्तार से समझने के लिए लेख पढ़ें;

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अस्वीकरण – यहाँ प्रस्तुत अनुच्छेद और उसकी व्याख्या, मूल संविधान (नवीनतम संस्करण), संविधान पर डी डी बसु की व्याख्या (मुख्य रूप से), एनसाइक्लोपीडिया, संबंधित मूल अधिनियम और संविधान के विभिन्न ज्ञाताओं (जिनके लेख समाचार पत्रों, पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर ऑडियो-विजुअल्स के रूप में उपलब्ध है) पर आधारित है। हमने बस इसे रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने का प्रयास किया है।