Capital market in Hindi (पूंजी बाज़ार: भूमिका, घटक आदि)

Basics of Share Market Part 3

इस लेख में हम सरल और सहज हिन्दी में पूंजी बाज़ार (capital market in hindi) और इसके घटक पर चर्चा करेंगे।
Capital market in Hindi

ये लेख बेसिक्स ऑफ शेयर मार्केट सिरीज़ का तीसरा लेख है। अगर आप सीधे ये पढ़ रहें है तो आपको सलाह दूंगा कि आप पहले पिछले वाले ↗️दोनों लेखों को पढ़ें। लिंक नीचे भी दिया हुआ है। अगर आपने पढ़ लिया है तो इस मैसेज को नजरंदाज करें।

Capital Market in Hindi

पिछले लेख में हम वित्तीय बाज़ार (Financial market) के दो भागों में से एक मुद्रा बाज़ार (Money market) को समझा था। जिसमें हमने देखा था कि मुद्रा बाज़ार अल्पकालिक पूंजी व्यवस्था से संबन्धित है। आइये अब इसके दूसरे भाग पूंजी बाज़ार या फिर Capital Market को समझते हैं क्योंकि यही वो भाग है जो शेयर मार्केट से सीधे संबन्धित है।

पूंजी बाज़ार (Capital Market)

वित्तीय बाज़ार (Financial market) का वो भाग जहां पर दीर्घकालीन वित्तीय जरूरतों की पूर्ति की जाती है। यानी कि 365 दिन से ज्यादा के लिए जब बाज़ार से पूंजी जुटाई जाती है तो उसे पूंजी बाज़ार कहते हैं।

दूसरे शब्दों में कहें तो ऐसा वित्तीय बाजर जहां पर एक वर्ष या उससे अधिक समय के लिए डेट (Debt) या इक्विटि समर्थित प्रतिभूतियों (Equity backed securities) को खरीदा और बेचा जाता है, पूंजी बाज़ार कहलाता है। जैसे कि अगर Bombay Stock Exchange (BSE) की बात करें तो ये एक पूंजी बाज़ार ही है।

नोट – Debt का मतलब होता है ऋण या उधारी इसे आगे विस्तार से समझेंगे और इक्विटि समर्थित प्रतिभूति (Equity backed Securities) का मतलब है ऐसी प्रतिभूति (Security) जिसमें किसी प्रकार की हिस्सेदारी की बात हो। जैसे कि शेयर को ही ले लीजिये तो ये एक प्रकार की हिस्सेदारी ही तो है।

[[यहाँ पर दो बातें ध्यान देने वाली है एक तो ये है कि आपके मन में सवाल आ सकता है कि इक्विटि मतलब भी हिस्सेदारी होता है और शेयर मतलब भी हिस्सेदारी होता है। फिर दोनों को अलग-अलग क्यूँ लिखा जाता है। दोनों में अंतर क्या है?

तो आपको बता दूँ कि दोनों का ही इस्तेमाल एक दूसरे के लिए किया जाता है इसीलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि इन दोनों में कुछ सूक्ष्म अंतर है अगर आपको ये अंतर जानने का मन कर रहा है तो आप ↗️यहाँ क्लिक करके जान सकते हैं।

दूसरा सवाल जो आपके मन में आ सकता है वो ये कि प्रतिभूति (Security) क्या होता है? इसे हम आगे विस्तार से समझेंगे यहाँ पर इतना जान लीजिये कि कोई भी ऐसा वित्तीय उपकरण जिसका मौद्रिक मूल्य (monetary value) होता है, प्रतिभूति (Security) कहलाता है। जैसे कि शेयर, बॉन्ड इत्यादि।]]

तीसरा सवाल ये आता है कि बैंक लोन भी तो लॉन्ग टर्म के लिए ले सकते हैं तो फिर बॉन्ड या शेयर बेचकर बाज़ार से पैसा जुटाने का क्या मतलब है?

बैंक लोन को आम तौर पर कैपिटल मार्केट के लेन-देन में नहीं रखा जाता है, इसकी मुख्य वजह ये है कि बैंक लोन को आप शेयर और बॉन्ड की तरह मार्केट में खरीद-बिक्री नहीं कर सकते हैं, इसमें हिस्सेदारी जैसी बात नहीं होती है और इसका विनियमन (Regulation) भी थोड़ा कठोर होता है। इसीलिए ये एक पृथक व्यवस्था हो जाता है।

पूंजी बाज़ार उन लोगों को तो एक साथ लाते ही हैं जो पूंजी रखते हैं और जो पूंजी की मांग एक साथ करते हैं साथ ही साथ ये एक ऐसी जगह भी प्रदान करते हैं जहां ऐसे लोग प्रतिभूतियों (Securities) का आदान-प्रदान कर सकते हैं।

पूंजी बाज़ार में लोग इसीलिए आते हैं क्योंकि यहाँ पर बहुत ही ज्यादा रिटर्न मिलता है लेकिन साथ ही साथ ये भी ध्यान रखने वाली बात है कि यहाँ रिस्क भी ज्यादा होता है।

पूंजी बाज़ार के घटक
(Capital market components
)

पूंजी बाज़ार के मुख्यतः तीन घटक माने जाते हैं। 1. बीमा (Insurance), 2. म्यूचुअल फ़ंड (Mutual Fund) और 3. प्रतिभूति या शेयर बाज़ार (Securities or Stock Market)

यहाँ जो अभी हमारे काम की चीज़ है वो है इसका तीसरा घटक यानी कि प्रतिभूति या शेयर बाज़ार (Securities or Stock Market)। हम इसी पर फोकस करेंगे क्योंकि हमें शेयर मार्केट का बेसिक्स समझना है।

आपको बीमा (Insurance) और म्यूचुअल फ़ंड (Mutual Fund) भी पढ़ना है क्योंकि वो भी बहुत ही महत्वपूर्ण है पर शेयर मार्केट को समझने के बाद।

पूंजी बाज़ार या तो प्राथमिक बाज़ार (Primary market) हो सकता है या फिर द्वितीयक बाज़ार (Secondary market)

जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार शेयर या बॉन्ड जारी करते हैं और निवेशक उसे खरीदते है तो उसे प्राथमिक बाज़ार कहा जाता है। वहीं एक बार मार्केट में आ जाने के बाद उसी शेयर या बॉन्ड का मार्केट में जब आपस में ही लोग खरीद-बिक्री करने लगते हैं तो उसे द्वितीयक बाज़ार (Secondary market) कहा जाता है।

इस कॉन्सेप्ट को आगे प्रतिभूति बाज़ार में विस्तार से समझेंगे। यहाँ पर एक बात याद रखिए कि प्रतिभूति बाज़ार (Security market) को शेयर बाज़ार (Stock market) भी कह दिया जाता है और शेयर बाज़ार को प्रतिभूति बाज़ार। ऐसा इसीलिए क्योंकि प्रतिभूति बाज़ार, पूंजी बाज़ार का ही एक हिस्सा है जहां पर प्रतिभूतियों जैसे कि शेयर, बॉन्ड, डिबेंचर, म्यूचुअल फ़ंड इत्यादि के माध्यमों द्वारा दीर्घकालिक पूंजी की व्यवस्था की जाती है।

⬇️◼️ शेयर मार्केट (Share Market) और बॉन्ड मार्केट (Bond market) इसी का एक हिस्सा है। सरल हिन्दी में प्रस्तुत पूंजी बाज़ार (capital market in hindi) पर ये लेख यही समाप्त होता है, इसके अगले पार्ट में शेयर मार्केट के सारे कॉन्सेप्ट को प्रतिभूति बाज़ार (Security market) की मदद से समझने की कोशिश करेंगे तो इसके अगले पार्ट जरूर पढ़ें⏬

↗️प्रतिभूति बाज़ार (Security market)
Securities

Capital Market in Hindi
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