इस लेख में हम कोशिका (Cell) पर सरल एवं सहज़ चर्चा करेंगे एवं जरूरी चित्रों के माध्यम से इसके कई महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने का प्रयास करेंगे।

कोशिका (Cell) में ही डीएनए (DNA) होता है, इसीलिए डीएनए समझने के लिए भी कोशिका की समझ अनिवार्य हो जाता है। इसीलिए आप इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें,

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कोशिका

कोशिका किसे कहते हैं?

कोशिकाएं, सभी जीवित चीजों के बुनियादी निर्माण खंड (basic building blocks) हैं। मानव शरीर खरबों कोशिकाओं से बना है। वे शरीर के लिए संरचना प्रदान करते हैं, भोजन से पोषक तत्व लेते हैं, उन पोषक तत्वों को ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, और विशेष कार्य करते हैं। कोशिकाओं में शरीर की वंशानुगत सामग्री (hereditary material) भी होती है (जिसे कि हम DNA कहते हैं) और वे स्वयं की प्रतियां बना सकती हैं।

कोशिका यानी कि Cell, लैटिन शब्द ‘सेलुला (Cellula)’ से बना है, जिसका अर्थ होता है “छोटा कमरा”। कोशिका जीवन की बुनियादी संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है। प्रत्येक कोशिका में एक झिल्ली के भीतर संलग्न एक कोशिका द्रव्य होता है, जिसमें प्रोटीन और न्यूक्लिक एसिड जैसे कई जैव-अणु होते हैं।

अधिकांश पौधे और पशु कोशिकाएं केवल एक प्रकाश सूक्ष्मदर्शी के नीचे दिखाई देती हैं, जिसका साइज़ 1 से 100 माइक्रोमीटर के बीच होता है। (1 माइक्रोमीटर यानी कि 1 मीटर का 10 लाखवां भाग)।

ऐसे जीव जो सिर्फ एक कोशिका से बना होता है उसे एककोशिकीय जीव (unicellular organism) कहा जाता है जैसे कि बैक्टीरिया। और ऐसे जीव जो कई कोशिकाओं से मिलकर बना होता है उसे बहुकोशिकीय जीव (multicellular organisms) कहा जाता है। पौधे एवं जीव-जन्तु बहुकोशिकीय जीव होते हैं।

चूंकि एककोशिकीय जीव बहुत ही सूक्ष्म (micro) होते हैं इसीलिए इसे सूक्ष्मजीव (micro-organism) भी कहा जाता है। वहीं पौधों और जानवरों की बात करें तो इसमें कोशिकाओं का ख़जाना होता है। इन सब में कितनी कोशिकाएँ होती है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि मानव शरीर में लगभग 40 ट्रिलियन कोशिकाएँ होती हैं।

| कोशिका के प्रकार (Cell Types)

कोशिकाएँ दो प्रकार की होती हैं: यूकेरियोटिक कोशिकाएँ (eukaryotic cells) और प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ (prokaryotic cells)। आइये दोनों को थोड़ा विस्तार से समझते हैं;

प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ (prokaryotic cells) – इसके तहत उन कोशिकाओं को रखा जाता है जिसमें नाभिक (Nucleus) नहीं होता है। और आम तौर पर यह एककोशिकीय जीव होता है, इसमें बैक्टीरिया और आर्किया (archaea) शामिल हैं। प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं पृथ्वी पर जीवन का पहला रूप थीं, जिसमें सेल सिग्नलिंग (cell signaling) सहित महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाएं होती हैं।

प्रोकैरियोटिक कोशिका के डीएनए में एक एकल गोलाकार गुणसूत्र (chromosomes) होता है, जो साइटोप्लाज्म के सीधे संपर्क में होता है। कहने का अर्थ ये है कि प्रोकैरियोटिक कोशिका में भले ही नाभिक (nucleus) न हो लेकिन न्यूक्लियॉइड (nucleoid) क्षेत्र होता है, और इसी में आनुवांशिक पदार्थ (genetic material) होता है। अधिकांश प्रोकैरियोट्स सभी जीवों में सबसे छोटे होते हैं जिनका व्यास 0.5 से 2.0 माइक्रोन तक होता है। [View Image]

यूकेरियोटिक कोशिकाएँ (eukaryotic cells) – इसके तहत उन कोशिकाओं को रखा जाता है जिसमें नाभिक (Nucleus) होता है। यह एककोशिकीय भी हो सकता है और बहुकोशिकीय भी। पौधे, जानवर, कवक, प्रोटोजोआ और शैवाल सभी यूकेरियोटिक हैं। ये कोशिकाएँ एक विशिष्ट प्रोकैरियोट से लगभग पंद्रह गुना चौड़ी होती हैं और इनका आयतन एक हज़ार गुना अधिक हो सकता है।

प्रोकैरियोट्स की तुलना में यूकेरियोट्स की मुख्य विशिष्ट विशेषता कंपार्टमेंटलाइज़ेशन (compartmentalization) है: यानी कि कोशिका के भीतर सभी बंद हिस्से जो कि आमतौर पर एकल या डबल लिपिड परत झिल्ली* से घिरे होते हैं। इसे ऑर्गेनेल (organelle) कहा जाता है। इसमें विशिष्ट गतिविधियाँ होती हैं। और सबका अपना एक काम होता है। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण एक कोशिका केंद्रक (cell nucleus) है, जिसमें डीएनए होता है।

विस्तार से जानें – प्रोकैरियोटिक और यूकेरियोटिक कोशिकाओं में अंतर [सचित्र]

| कोशिका के भाग (Cell Parts)

कोशिकाओं के कई भाग होते हैं, जिनमें से प्रत्येक का कार्य अलग-अलग होता है। इनमें से कुछ भागों को ऑर्गेनेल (organelle) कहा जाता है (जिसे कि अभी हमने ऊपर समझा)। यह विशेष संरचनाएं हैं जो कोशिका के भीतर कुछ कार्य करती हैं। मानव कोशिकाओं में निम्नलिखित प्रमुख भाग (parts) होते हैं:

cell

कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) – कोशिकाओं के भीतर, साइटोप्लाज्म एक जेली जैसे तरल पदार्थ (जिसे साइटोसोल कहा जाता है) और अन्य संरचनाओं से बना होता है जो नाभिक को घेरते हैं। साइटोप्लाज्म लगभग 80% पानी है और आमतौर पर रंगहीन होता है।

अधिकांश कोशिकीय गतिविधियाँ साइटोप्लाज्म के भीतर होती हैं, जैसे कि ग्लाइकोलाइसिस (glycolysis) सहित कई चयापचय मार्ग (metabolic pathway) और कोशिका विभाजन (cell division) जैसी प्रक्रियाएं। केंद्रित आंतरिक क्षेत्र को एंडोप्लाज्म कहा जाता है और बाहरी परत को सेल कॉर्टेक्स या एक्टोप्लाज्म कहा जाता है।

Cytoskeleton – साइटोस्केलेटन लंबे तंतुओं का एक नेटवर्क है जो कोशिका के संरचनात्मक ढांचे को बनाते हैं। साइटोस्केलेटन (बैक्टीरिया और आर्किया को छोड़कर) सभी कोशिकाओं के साइटोप्लाज्म में मौजूद प्रोटीन फिलामेंट्स को आपस में जोड़ने का एक जटिल, गतिशील नेटवर्क है। यह कोशिका के केंद्रक से कोशिका झिल्ली तक फैला होता है और विभिन्न जीवों में समान प्रोटीन से बना होता है।

यूकेरियोट्स में, यह तीन मुख्य घटकों, माइक्रोफिलामेंट्स, इंटरमीडिएट फिलामेंट्स और माइक्रोट्यूबुल्स से बना होता है, और ये सभी तेजी से विकास करने में सक्षम होते हैं या सेल की आवश्यकताओं पर निर्भर होते हैं।

साइटोस्केलेटन में कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं, जिसमें कोशिका के आकार का निर्धारण, कोशिका विभाजन में भाग लेना और कोशिकाओं को स्थानांतरित करने की अनुमति देना शामिल है। यह एक ट्रैक जैसी प्रणाली भी प्रदान करता है जो कोशिकाओं के भीतर ऑर्गेनेल और अन्य पदार्थों की गति को निर्देशित करता है।

अन्तः प्रदव्ययी जलिका [Endoplasmic Reticulum] (ER) – यह ऑर्गेनेल (organelle), कोशिका द्वारा बनाए गए अणुओं को संसाधित करने में मदद करता है। एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम इन अणुओं को कोशिका के अंदर या बाहर उनके विशिष्ट गंतव्यों तक पहुंचाने का काम भी करता है। इसे दो भागों में बांटा जाता है (1) Rough endoplasmic reticulum और (2) Smooth endoplasmic reticulum।

Cell

1. रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Rough endoplasmic reticulum); जिसे दानेदार एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम भी कहा जाता है) की सतह प्रोटीन-निर्माण राइबोसोम से जड़ी होती है, जो इसे “रफ” रूप देती है (इसलिए इसका ये नाम पड़ा)।

2. चिकनी एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Smooth endoplasmic reticulum), लिपिड, फॉस्फोलिपिड और स्टेरॉयड को संश्लेषित करता है। कोशिकाएं जो इन उत्पादों को स्रावित करती हैं, जैसे कि वृषण, अंडाशय और वसामय ग्रंथियों में चिकनी एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम की प्रचुरता होती है।

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golgi

गॉल्जी तंत्र Golgi apparatus – गॉल्जी तंत्र, जिसे गॉल्जी कॉम्प्लेक्स, गॉल्जी बॉडी, या बस गॉल्जी के रूप में भी जाना जाता है, अधिकांश यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक ऑर्गेनेल (organelle) है।

यह साइटोप्लाज्म में एंडोमेम्ब्रेन सिस्टम* का हिस्सा है और यह पुटिकाओं (vesicles) को उनके गंतव्य पर भेजे जाने से पहले कोशिका के अंदर झिल्ली से बंधे पुटिकाओं में प्रोटीन को पैकेज करता है।

दूसरे शब्दों में कहें तो यह एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम द्वारा संसाधित अणुओं को सेल से बाहर ले जाने के लिए पैकेज करता है। [पुटिकाओं (vesicles) के बारे में आगे बात की गई है।]

नोट – याद रखिए एंडोमेम्ब्रेन सिस्टम* कुछ और नहीं बल्कि यही है जो सेल को अलग-अलग compartment, या ऑर्गेनेल (organelle) में अलग करता है, जैसे कि न्यूक्लियस, एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ईआर), गॉल्गी उपकरण और लाइसोसोम।

Lysosomes - Cell

Lysosomes ये ऑर्गेनेल (organelle) कोशिका के पुनर्चक्रण केंद्र हैं। ये गोलाकार पुटिका (spherical vesicle) होते हैं जिनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम* होते हैं, जो कई प्रकार के जैव-अणुओं को तोड़ सकते हैं।

ये विदेशी बैक्टीरिया को पचाते हैं, जो कोशिका पर आक्रमण करते हैं, विषाक्त पदार्थों को कोशिका से छुटकारा दिलाते हैं, और खराब हो चुके सेल घटकों को रीसायकल (Recycle) करते हैं।

आप दिए गए तस्वीर में देख सकते हैं कि Lysosomes, कोशिका के भीतर किस तरह का दिखता है।

यहाँ ये याद रखिए कि हाइड्रोलाइटिक एंजाइम*, एस्टर, पेप्टाइड्स और ग्लाइकोसाइड जैसे जैव-अणुओं के विभिन्न समूहों को विभाजित करते हैं। दरअसल, एंजाइम प्रोटीन होते हैं जो हमारे शरीर में रासायनिक प्रतिक्रियाओं को गति देने में मदद करते हैं। वे कुछ पदार्थों का निर्माण करते हैं और दूसरों को तोड़ते हैं। सभी जीवित चीजों में एंजाइम होते हैं। हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से एंजाइम का उत्पादन करता है।

Mitochondria

माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) – माइटोकॉन्ड्रिया जटिल अंग हैं जो भोजन से ऊर्जा को एक ऐसे रूप में परिवर्तित करते हैं जिसका उपयोग कोशिका कर सकती है। इसे Adenosine Triphosphate (या ATP) कहा जाता है।

उनकी अपनी आनुवंशिक सामग्री होती है, जो नाभिक में डीएनए से अलग होती है, और स्वयं की प्रतियां बना सकती हैं। माइटोकॉन्ड्रियन को लोकप्रिय रूप से “सेल का पावरहाउस” कहा जाता है।

आप इस चित्र में देख सकते हैं कि किस तरह माइटोकॉन्ड्रिया, कोशिका में एक किसी कैप्सुल की भांति नजर आता है।

nucleus - कोशिका

नाभिक (Nucleus) – नाभिक, एक झिल्ली से बंधा ऑर्गेनेल (organelle) है जो यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाया जाता है। नाभिक, कोशिका के कमांड सेंटर के रूप में कार्य करता है, कोशिका को बढ़ने, परिपक्व होने, विभाजित करने या मरने के लिए निर्देश भेजता है।

इसमें डीएनए (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड), कोशिका की वंशानुगत सामग्री भी होती है। नाभिक एक झिल्ली से घिरा होता है जिसे परमाणु लिफाफा (nuclear envelope) कहा जाता है, जो डीएनए की रक्षा करता है और नाभिक को शेष कोशिका से अलग करता है।

आप इस तस्वीर में देख सकते हैं कि किस तरह से न्यूक्लियस किस तरह कोशिका के बीच में होता है।

न्यूक्लियोलस (nucleolus) – न्यूक्लियोलस यूकेरियोटिक कोशिकाओं के नाभिक में सबसे बड़ी संरचना है। कहने का अर्थ ये है कि यह नाभिक (nucleus) के भीतर स्थित होता है। इसे राइबोसोम बायोजेनेसिस के स्थल के रूप में जाना जाता है। यहाँ ये याद रखिए कि राइबोसोम बायोजेनेसिस (Ribosome biogenesis), राइबोसोम बनाने की प्रक्रिया है।

यह न्यूक्लियोली सिग्नल रिकग्निशन पार्टिकल्स के निर्माण में भी भाग लेते हैं, और तनाव के प्रति कोशिका की प्रतिक्रिया में भूमिका निभाते हैं। दरअसल, न्यूक्लियोली प्रोटीन, डीएनए और आरएनए से बने होते हैं और विशिष्ट क्रोमोसोमल क्षेत्रों के आसपास बनते हैं जिन्हें न्यूक्लियर ऑर्गनाइजिंग क्षेत्र (Nuclear Organizing Area) कहा जाता है।

न्यूक्लियोली की खराबी “न्यूक्लियोलोपैथीज” नामक कई मानवीय स्थितियों का कारण हो सकती है, और न्यूक्लियोलस की जांच कैंसर कीमोथेरेपी के लक्ष्य के रूप में की जा रही है। [इसे आप सबसे नीचे वाले तस्वीर में देख सकते हैं।]

कोशिका plasma membrane

प्लाज़्मा झिल्ली (Plasma membrane) – प्लाज़्मा झिल्ली, {जिसे कोशिका झिल्ली (cell membrane) या साइटोप्लाज्मिक झिल्ली के रूप में भी जाना जाता है} एक जैविक झिल्ली है जो सभी कोशिकाओं के आंतरिक भाग को बाहरी वातावरण (बाह्य कोशिकीय स्थान) से अलग करती है और कोशिका की रक्षा करती है।

कोशिका झिल्ली में एक लिपिड बाईलेयर होता है, जो फॉस्फोलिपिड्स की दो परतों से बना होता है, जिसमें कोलेस्ट्रॉल (एक लिपिड घटक) होता है, जो विभिन्न तापमानों पर उपयुक्त झिल्ली तरलता बनाए रखता है। कुल मिलाकर यह कोशिका को उसके वातावरण से अलग करता है और सामग्री को कोशिका में प्रवेश करने और छोड़ने की अनुमति देता है।

राइबोसोम (Ribosomes) – राइबोसोम ऐसे ऑर्गेनेल (organelle) हैं, जो प्रोटीन बनाने के लिए कोशिका के आनुवंशिक निर्देशों को संसाधित करते हैं। ये ऑर्गेनेल साइटोप्लाज्म में स्वतंत्र रूप से तैर सकते हैं या एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम से जुड़े हो सकते हैं।

कोशिका ribosomes

राइबोसोम, मैक्रोमोलेक्यूलर मशीन हैं, जो सभी कोशिकाओं के भीतर पाए जाते हैं, जो जैविक प्रोटीन संश्लेषण करते हैं। राइबोसोम, मेसेंजर आरएनए (mRNA) अणुओं के कोडन द्वारा निर्दिष्ट क्रम में अमीनो एसिड को एक साथ जोड़कर पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला* बनाते हैं।

राइबोसोम में दो प्रमुख घटक होते हैं: छोटे और बड़े राइबोसोमल सबयूनिट। प्रत्येक सबयूनिट में एक या एक से अधिक राइबोसोमल आरएनए (rRNA) अणु और कई राइबोसोमल प्रोटीन (R-protein) होते हैं।

नोट* – यहाँ ये याद रखिए कि एक पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला (polypeptide chain) में अमीनो एसिड (amino acids) होते हैं, जो प्रोटीन के निर्माण खंड (building block) बनाने के लिए एक साथ जुड़े होते हैं।

पुटिका (vesicle) – पुटिका एक कोशिका के भीतर या बाहर एक संरचना होती है, जिसमें एक लिपिड बाईलेयर द्वारा संलग्न तरल या साइटोप्लाज्म होता है।

वेसिकल्स विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं। चूंकि इसे साइटोसोल (cytosol)* से अलग किया जाता है, इसलिए पुटिका के अंदर को साइटोसोलिक वातावरण से अलग बनाया जा सकता है। इस कारण से, पुटिका एक बुनियादी उपकरण है जिसका उपयोग कोशिका द्वारा कोशिकीय पदार्थों को व्यवस्थित करने के लिए किया जाता है।

पुटिकाएं चयापचय (metabolism), परिवहन, उत्प्लावकता नियंत्रण (Buoyancy control) और भोजन और एंजाइमों के अस्थायी भंडारण में शामिल होती हैं। वे रासायनिक प्रतिक्रिया कक्षों के रूप में भी कार्य कर सकते हैं।

नोट – साइटोसोल* दरअसल और कुछ नहीं बल्कि, यूकेरियोटिक कोशिका में, कोशिका झिल्ली (cell membrane) से घिरा होता है और साइटोप्लाज्म का हिस्सा होता है, जिसमें माइटोकॉन्ड्रिया, प्लास्टिड और अन्य अंग भी शामिल होते हैं।

कोशिका vacuole

रिक्तिका (vacuole) – रिक्तिका (vacuole), एक झिल्ली से बंधा हुआ ऑर्गेनेल (organelle) है, जो पौधे और कवक कोशिकाओं और कुछ प्रोटिस्ट, पशु और जीवाणु कोशिकाओं में मौजूद होता है। रिक्तिकाएं अनिवार्य रूप से संलग्न डिब्बे (enclosed compartment) होते हैं, जो घोल (solution) में एंजाइम सहित अकार्बनिक और कार्बनिक अणुओं वाले पानी से भरे होते हैं, हालांकि कुछ मामलों में उनमें ठोस पदार्थ हो सकते हैं।

रिक्तिकाएं कई झिल्ली पुटिकाओं (membrane vesicles) के संलयन से बनती हैं। इस ऑर्गेनेल का कोई मूल आकार या आकार नहीं होता है; इसकी संरचना कोशिका की आवश्यकताओं के अनुसार बदलती रहती है।

कुल मिलाकर इस बड़ी तस्वीर में आप सभी भागों को आसानी से देख सकते हैं कि किसी कोशिका में उसके घटक कहा-कहा उपस्थित होता हैं।

कोशिका के भाग

यह भी पढ़ें – 💫 Key Differences

Facts Related to Cell

कोशिका विभाजन (cell division) क्या है?

कोशिका विभाजन में एक एकल कोशिका (जिसे मातृ कोशिका कहा जाता है) को दो पुत्री कोशिकाओं में विभाजित किया जाता है। यह बहुकोशिकीय जीवों (ऊतकों की वृद्धि) और एककोशिकीय जीवों में प्रजनन (वनस्पति प्रजनन) की ओर जाता है।

प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं द्विआधारी विखंडन द्वारा विभाजित होती हैं, जबकि यूकेरियोटिक कोशिकाएं आमतौर पर परमाणु विभाजन की प्रक्रिया से गुजरती हैं, जिसे माइटोसिस (mitosis) कहा जाता है, इसके बाद कोशिका का विभाजन होता है, जिसे साइटोकाइनेसिस (cytokinesis) कहा जाता है।

विस्तार से पढ़ें – कोशिका विभाजन [Cell Division] – क्या, कब व कैसे? [Facts]

डीएनए प्रतिकृति (DNA replication) कब होता है?

डीएनए प्रतिकृति (DNA replication), या किसी कोशिका के जीनोम की नकल करने की प्रक्रिया, हमेशा तब होती है जब कोई कोशिका समसूत्रण (mitosis) या बाइनरी विखंडन (binary fission) के माध्यम से विभाजित होती है।

  1. प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) किसे कहते हैं?

    कोशिकाएं नए प्रोटीन को संश्लेषित करने में सक्षम होती हैं, कोशिकीय गतिविधियों के मॉड्यूलेशन और रखरखाव के लिए यह आवश्यक होता है। इस प्रक्रिया में डीएनए/आरएनए में एन्कोडेड जानकारी (encoded information) के आधार पर अमीनो एसिड बिल्डिंग ब्लॉक्स से नए प्रोटीन अणुओं का निर्माण शामिल है।

  2. कोशिका चयापचय (cell metabolism) किसे कहते हैं?

    कोशिका चयापचय, वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्तिगत कोशिकाएं पोषक तत्वों के अणुओं को संसाधित करती हैं। चयापचय में दो अलग-अलग विभाजन होते हैं: अपचय (catabolism), जिसमें कोशिका, ऊर्जा उत्पन्न करने और शक्ति को कम करने के लिए जटिल अणुओं को तोड़ती है, और उपचय (anabolism), जिसमें कोशिका जटिल अणुओं के निर्माण और अन्य जैविक कार्यों को करने के लिए ऊर्जा और शक्ति को कम करती है।

  3. समसूत्रण (mitosis) किसे कहते हैं?

    यूकेरियोटिक कोशिकाएं (eukaryotic cells), आमतौर पर परमाणु विभाजन की प्रक्रिया से गुजरती हैं, जिसे समसूत्रण (mitosis) कहा जाता है, इसके बाद कोशिका का विभाजन होता है, जिसे साइटोकाइनेसिस (cytokinesis) कहा जाता है।

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ग्लाइकोलाइसिस (What is glycolysis)
लिपिड (Lipid) Explained in Hindi
डीएनए सिक्वेन्सिंग क्या है?

References,
https://medlineplus.gov/genetics/understanding/basics/cell/
Cell biology – wikipedia
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