Inspirational story in hindi for everyone

Must read inspirational story in hindi

In this article we are going to read some must read inspirational story in hindi.

Inspirational story in hindi

सही दिशा

  एक बार किसी गाँव के रेलवे स्टेशन पर एक रेल गाड़ी रुकी। रेलगाड़ी से एक फौजी बड़ा सा ट्रंक और बिस्तर लेकर उतरा।

स्टेशन से बाहर आकार उसने एक टैक्सीवाले  से पूछा- भैया, कैंप ऑफिस जाना है, चलोगे ?

टैक्सीवाले  ने कहा, जरूर चलूँगा साहब, लेकिन 200 रुपये लगेंगे। फौजी ने कहा – अरे! 200 रूपये तो वहाँ के लिए बहुत ज्यादा है, कुछ कम करो।

टैक्सीवाला बोला, साहब इससे कम किराया नहीं होगा, चलना हो तो चलो ।

यह सुनकर फौजी ने अपना सामान उठाया और पैदल ही अपने गंतव्य की ओर चल पड़ा। लगभग 20 मिनट चलने के बाद वह थक गया और अपने आस-पास कोई साधन देखने लगा।

तभी उसे वही टैक्सीवाला आता हुआ दिखाई दिया, जिसने थोड़ी देर पहले उससे 200 रूपये मांगे थे। फौजी ने उसे हाथ दिया।

तो टैक्सीवाले ने गाड़ी रोकी, फौजी ने कहा, ठीक है भाई, 200 रूपये ले लेना, कैंप ऑफिस चलो।

ये सुनकर टैक्सीवाले ने कहा, साहब, अब तो 400 रूपये लगेंगे। फौजी ने कहा, अब तुम मेरी हालत देखकर मुझे ब्लैकमेल करने लग गये ?

तो टैक्सीवाले  ने कहा, नहीं साहब, आप तो फौजी आदमी है, भला आपको मैं ब्लैकमेल क्यों करूंगा।

दरअसल, बात यह है कि आप कैंप ऑफिस से उल्टे रास्ते इतने दूर आ गये है कि अब आपको कैंप ऑफिस जाने के लिए उसी स्टेशन से गुजरना होगा,

जहां से आप चलते हुए इतने दूर तक आए है इसीलिए आपका किराया अब ज्यादा होगा। टैक्सीवाले  कि बात सुनकर फौजी चुपचाप टॅक्सी में बैठ गया।

आप कितने भी अच्छे से तैयारी करके क्यूँ न चले हो, अगर आपकी दिशा गलत है तो आप मंजिल तक कभी नहीं पहुँच पाएंगे ।

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समस्या का समाधान

 किसी शहर में एक व्यक्ति था, वह हमेशा दुखी रहा करता था, उसे हमेशा ऐसा लगता था कि उससे दुखी व्यक्ति संसार में और कोई नहीं है।

जब भी कोई उससे बात करता तो वह अपनी समस्याओं का बखान करने लगता । थोड़ी देर में साथ वाला व्यक्ति उठ कर चला जाता ।

इस बात से तो वह और परेशान हो जाता कि उसकी बात कोई सुनने वाला नहीं है।        

तभी उसे पता चला कि शहर में कोई महात्मा आने वाले है । जिनके पास सभी समस्याओं का समाधान है । यह जानकार वह महात्मा के पास पहुंचा ।

उस महात्मा के साथ हमेशा एक काफिला चला करता था जिसमे कई ऊंट भी थे ।

महात्मा के पास पहुँच कर उस व्यक्ति ने कहा – गुरुजी, मैंने आपका बड़ा नाम सुना है कि आप सभी समस्याओं का समाधान करते है ।

मैं बहुत दुखी व्यक्ति हूँ। मेरे इर्द-गिर्द हमेशा बहुत सारी समस्याएँ रहती है । एक को सुलझाता हूँ तो दूसरी पैदा हो जाती है ।

मैं अपनी आपबीती किसी को सुनता हूं तो कोई सुनता ही नहीं है । दुनिया बड़ी मतलबी हो गयी है । अब आप ही बताइये क्या करूँ ?        

महात्मा ने उसकी बातें ध्यान से सुनी और कहा – भाई, मैं अभी तो बहुत थक गया हूँ परंतु कल सुबह मैं तुम्हारी समस्या का समाधान अवश्य करूंगा ।

इस बीच तुम मेरा एक काम कर दो, मेरे ऊंटों की देखभाल करने वाला आदमी बीमार है। आज रात तुम इनकी देखभाल कर दो ।

जब सभी ऊंट बैठ जाये तब तुम सो जाना । मैं तुमसे कल सुबह बात करूंगा ।

अगले दिन महात्मा ने उस आदमी को बुलाया । उसकी आंखे लाल थी । महात्मा ने पूछा – तो बताओ कल रात कैसी नींद आयी ?

व्यक्ति बोला – गुरुजी, मैं तो रात भर सोया ही नहीं । आपने कहा था जब सभी ऊंट बैठ जाये तब सो जाना ।

पर ऐसा नहीं हुआ जब भी कोशिश करके एक ऊंट को बिठाता दूसरा खड़ा हो जाता । सारे ऊंट बैठा ही नहीं इसीलिए मैं भर रात सो नहीं सका ।   

महात्मा जी ने मुस्कुराते हुए कहा – मैं जानता था कि इतने ऊंट एक साथ कभी नहीं बैठ सकता, फिर भी मैंने तुम्हें ऐसा करने को कहा ।

यह सुनकर व्यक्ति क्रोधित होकर बोला – महात्मा जी, मैं आपसे हल मांगने आया था पर आपने भी मुझे परेशान कर दिया ।

महात्मा बोले – नहीं भाई, दरअसल यह तुम्हारे समस्या का समाधान है । संसार के किसी भी व्यक्ति की समस्या इन ऊंटों की तरह ही है । एक खत्म होगी तो दूसरी खड़ी हो जाएगी ।

अतः सभी समस्याओं के खत्म होने का इंतज़ार करोगे तो कभी भी चैन से नहीं जी पाओगे। समस्याएँ तो जीवन का ही अंग है ।

इसे महसूस करते हुए जीवन का आनंद लो । जीवन में सहज रहने का यही एक उपाय है।    

दुनिया के किसी भी व्यक्ति को तुम्हारी समस्याएँ सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है क्यूंकी उनकी भी अपनी समस्याएँ है ।

महात्मा जी की बात सुनकर व्यक्ति के चेहरे पर संतोष और सहजता के भाव उमड़ पड़े। मानो उसे अपनी सभी समस्याओं से निपटने का अचूक मंत्र प्राप्त हो गया हो । 

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