Kitchen cabinet in polity explained in hindi

इस लेख में हम आंतरिक या किचन कैबिनेट (Kitchen cabinet) के बारे में सरल और सहज चर्चा करेंगे।
Kitchen cabinet

किचेन कैबिनेट या आंतरिक कैबिनेट

हमने इससे पहले ↗️मंत्रिपरिषद और कैबिनेट के मध्य अंतरों पर चर्चा कर चुके हैं। अगर आपको उसकी समझ नहीं है तो ऊपर क्लिक करके उसे पढ़ सकते हैं।

Kitchen cabinet

जैसा कि हम जानते हैं मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की तीन श्रेणियाँ होती है – कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री व उपमंत्री। इन सभी मंत्रियों का प्रमुख प्रधानमंत्री है, जो सरकार का उच्चतम कार्यकारी है।

इसी में जो कैबिनेट मंत्री है वो पूरे या उस में से कुछ और साथ में प्रधानमंत्री के कुछ और विश्वसनीय लोगों से मिलकर बनता है ये किचन कैबिनेट।

आमतौर पर इस कैबिनेट में 10 से 20 तक महत्वपूर्ण मंत्रियों सहित कुछ अन्य लोग हो सकते हैं जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। यह औपचारिक रूप से निर्णय लेने वाली उच्चतम अनौपचारिक संस्था होती है।

आंतरिक कैबिनेट या कीचेन कैबिनेट कहलाने वाले इस छोटे से निकाय को सत्ता का केंद्र माना जाता है। इस अनौपचारिक निकाय में प्रधानमंत्री अपने दो से चार प्रभावशाली, पूर्ण विश्वासी सहयोगी रखता है जिनसे वह हर समस्या की चर्चा करता है और यह प्रधानमंत्री को महत्वपूर्ण राजनैतिक तथा प्रशासनिक मुद्दों पर सलाह देती है इससे प्रधानमंत्री को महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलती है।

◼ कुल मिलाकर कहें तो ये एक कैबिनेट ही है बस इसमें थोड़ा अंतर ये है कि कैबिनेट मंत्री के साथ-साथ इसमें बाहर के लोग भी शामिल होते हैं जैसे प्रधानमंत्री के मित्र व पारिवारिक सदस्य आदि।

इस किचेन कैबिनेट परंपरा को शुरू करने का श्रेय इन्दिरा गांधी को जाता है। कहा जाता है कि इन्दिरा गांधी के जमाने में जो आंतरिक कैबिनेट थी, उसे ही कीचेन कैबिनेट भी कहा जाने लगा।

प्रधानमंत्री इस किचेन या आंतरिक कैबिनेट को निम्न कारणों से बनाता है। 1. यह एक छोटा अंग है और निर्णय लेने के मामले में कैबिनेट के विशाल आकार से अधिक प्रभावशाली हैं। 2. इसकी बैठके होती रहती है और यह सरकार के कार्यों को बड़ी कैबिनेट की अपेक्षा अधिक तत्परता से निपटती है। 3. यह प्रधानमंत्री को महत्वपूर्ण राजनैतिक मामलों के मुद्दों पर निर्णय लेने में गोपनियता बरतने में सहायता करती है।

हालांकि इसके कई दोष भी है जैसे यह एक उच्चतम निर्णय करने वाले अंग के रूप में कैबिनेट के महता व अधिकारों को कम करती है। दूसरी बात ये कि बाहरी व्यक्तियों का इसमें प्रवेश और सरकार के कार्यों मे उनकी प्रभावशाली भूमिका, कानूनी प्रक्रिया को उलझा देती है।

Download this article

🔷🔷◼◼◼🔷🔷

Related Articles⬇️

Central Council of Ministers
मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल

Follow me on….⬇️

अन्य बेहतरीन लेख⬇️

प्रशासन और प्रबंधन में अंतर
Basics of GST

Prime minister of india explained in hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *