NRI और भारतीय मूल के विदेशी व्यक्ति में अंतर क्या है?

इस लेख में हम NRI (Non Resident Indian/अप्रवासी भारतीय) और भारतीय मूल के विदेशी व्यक्ति (persons of Indian origin) में अंतर जानेंगे और उन दोनों को भारत में क्या अधिकार प्राप्त है, उसके बारे में भी चर्चा करेंगे।

NRI (Non Resident Indian) और PIO (Persons of Indian Origin) दोनों ही टर्म्स का संबंध नागरिकता से है और नागरिकता अपने आप में एक व्यापक अवधारणा है। तो अगर आपने नागरिकता↗️ को नहीं समझा है तो पहले आप उसे जरूर समझ लें।

NRI

एनआरआई और भारतीय मूल के व्यक्ति में अंतर

NRI (अप्रवासी भारतीय)

ये भारतीय नागरिक ही होते हैं, जो साधारणत: किसी भी कारण से भारत के बाहर निवास करता है और जिसके पास भारतीय पासपोर्ट होता है। कहने का मतलब ये है कि पासपोर्ट को किसी देश की नागरिकता का प्रमाण माना जाता है। अगर भारतीय किसी और देश को विजिट करेगा तो उसके पास भारत का पासपोर्ट होगा।

अपने देश से बाहर किसी अन्य देश में जाने के लिए जो दो सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है; वो है वीजा और पासपोर्ट। जहां वीजा उस देश में जाने के लिए एक अनुमति पत्र के तौर पर कार्य करता है वहीं पासपोर्ट उस व्यक्ति की राष्ट्रीयता को बताता है।

चूंकि ये भारत के ही नागरिक होते हैं इसीलिए NRI को वे सभी लाभ मिलते है जो किसी भारतीय नागरिक को उपलब्ध होता है। इनको भी वे राजनैतिक अधिकार प्राप्त होते हैं जो किसी भारतीय को प्राप्त होता है।

ये भारत में सभी प्रकार की गतिविधियों में सम्मिलित हो सकते है और उन पे वही सारे नियम और कानून लागू होते हैं जो किसी अन्य भारतीय नागरिक पे लागू होते हैं।

यहाँ पर ध्यान रखने वाली बात ये है कि NRI कौन माना जाएगा उसका प्रावधान आयकर अधिनियम 1961 के धारा 6 में बताया गया है। जबकि भारतीय मूल के विदेशी व्यक्ति के बारे में नागरिकता अधिनियम 1955 में।

भारतीय मूल के व्यक्ति (Person of Indian Origin)

ऐसा व्यक्ति जिसका कोई पूर्वज भारतीय नागरिक था और जो वर्तमान में अन्य देश की नागरिकता या राष्ट्रीयता धारण करता है/करती है। इन लोगों के पास उसी देश का पासपोर्ट होता है।

चूंकि इन लोगों के पास विदेशी पासपोर्ट होता है इसीलिए भारत में भारत में इन्हे कोई विशेष लाभ नहीं मिलता। हालांकि, अगर केंद्र सरकार कोई लाभ देना चाहे तो वो दे सकती है। जैसे कि भारत सरकार द्वारा 2002 में PIO कार्ड स्कीम को शुरू किया गया था जिसके तहत इन लोगों को एक विशेष पहचान देने की कोशिश की गई थी।

फिर आगे चलकर 2005 में इन लोगों के लिए विदेशी भारतीय नागरिकता (Overseas Citizenship of India) स्कीम को शुरू किया गया। जिसे कि 2015 में विदेशी भारतीय नागरिक कार्डहोल्डर नामक नई स्कीम में मर्ज कर दिया गया और इसके तहत इन लोगों को ढेरों सुविधाएं प्रदान की गई।

तो कुल मिलाकर अगर ये लोग विदेशी भारतीय नागरिक कार्डहोल्डर (Overseas Citizen of India Cardholder) स्कीम में पंजीकृत नहीं है तो ये एक आम विदेशी की तरह ही ट्रीट किए जाएँगे जैसे कि ये लोग उसी प्रकार के गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं जिस प्रकार के वीजा पर ये आए हैं। अगर ये पर्यटन वीजा पर आए है तो ये समान्यतः पर्यटन ही कर सकते हैं।

▪️ इसके अलावा अगर ये लोग भारत में 180 दिनों से अधिक रहते हैं तो इन्हे स्थानीय पुलिस प्राधिकारियों के साथ निबंधित (Registered) होना आवश्यक होता है। 

▪️ भारत में आने के लिए इन्हे वीजा की जरूरत पड़ेगी और किसी संस्थान से कोई सुविधा प्राप्त करने के लिए उतने ही फीस चुकाने पड़ेंगे जितने किसी अन्य विदेशी को चुकाने पड़ते हैं।

▪️ हालांकि अगर ये लोग भारत में 7 साल या उससे ज्यादा समय से रह रहा हो तो वे नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार नागरिकता के लिए पंजीकरण का आवेदन दे सकता है।

▪️ इन लोगों को कुछ सामान्य मानवाधिकार तो मिल जाते हैं लेकिन सभी राजनैतिक अधिकार नहीं मिलते। भारत के संविधान के भाग 3 के अनुच्छेद 12 से लेकर अनुच्छेद 35 तक भारतीय लोगों के राजनैतिक अधिकार या फिर मौलिक अधिकारों की चर्चा की गई है।

उन अधिकारों में कुछ ऐसे अधिकार है जो केवल भारतीयों के लिए है, जिसे कि आप नीचे देख सकते हैं। इसको छोड़कर ये लोग दूसरे अधिकारों का लाभ ले सकने के अधिकारी होते हैं।

▪️ अनुच्छेद 15, अनुच्छेद 16, अनुच्छेद 19, अनुच्छेद 29 और 30 केवल भारतीयों के लिए उपलब्ध है, कोई विदेशी भारत में आकार इन अधिकारों की मांग नहीं कर सकता है। इन अधिकारों पर विस्तृत चर्चा साइट पर उपलब्ध है।

▪️ लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव में मतदान का अधिकार केवल भारतीयों के लिए उपलब्ध है।

▪️ संसद एवं राज्य विधानमंडल की सदस्यता के लिए चुनाव लड़ने का अधिकार केवल भारतीयों के लिए उपलब्ध है।

▪️ सार्वजनिक पदों, जैसे- राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, उच्चतम एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, राज्यों के राज्यपाल, महान्यायवादी एवं महाधिवक्ता जैसे पदों को ग्रहण करने का अधिकार केवल भारतीयों के लिए है।

Important Links

Overseas Citizenship of India explained in hindi
नागरिकता
↗️Overseas Citizen of India Online Registration and Other Important Details
↗️Indian Citizenship Online Forms and Application
↗️For Consular Services, Passport Services & Visa Services
↗️Important Citizenship FAQs – Hindi, English
↗️For Important Acts & Rules

विदेशी भारतीय नागरिकता (Overseas Citizenship of India) एक काफी महत्वपूर्ण टॉपिक है, उसे विस्तार से समझने के लिए; कि उसके लिए संवैधानिक प्रावधान क्या है?, कौन-कौन से संविधान संशोधन इसके लिए किए गए?, क्या सुविधाएं मिलती है और कहाँ से इन सुविधाओं को प्राप्त किया जा सकता है, नीचे दिये गए लेख को अवश्य पढ़ें।

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प्रस्तावना (Preamble)

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