सभ्यता और संस्कृति में अंतर। Difference in civilization and culture in hindi

सभ्यता और संस्कृति दोनों व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले शब्द है, हालांकि आम तौर पर हम इनके बीच के अंतर को लेकर अंजान रहते हैं और इन दोनों शब्दों को एक पर्याय के रूप में इस्तेमाल कर देते हैं;

इस लेख में हम संस्कृति और सभ्यता (civilization and culture) पर सरल एवं सहज चर्चा करेंगे एवं इसके मध्य कुछ मूल अंतरों को स्पष्ट करेंगे, तो लेख को अंत तक जरूर पढ़ें;

सभ्यता और संस्कृति

सभ्यता और संस्कृति में अंतर

सभ्यता (Civilization)

सभ्य, सभा से विकसित हुआ है। प्राचीन काल में शिष्ट-जनों की या राजाओं की सभा हुआ करती थी जिसमें उस समय के उच्च वर्ग के लोग या फिर जिसे अभिजात वर्ग (Aristocrat class) कहते हैं वहीं शामिल हो पाते थे।

इन सब लोगों को और इनके अलावे भी जिस किसी व्यक्ति को इस सभा में शामिल होने के काबिल समझा जाता था उसे सभ्य कहा जाता था।

⚫ कालांतर में अच्छे विचार रखनेवाला और भले लोगों जैसा व्यवहार करने वाला व्यक्ति सभ्य कहा जाने लगा। इसी सभ्य से सभ्यता बना है ।

⚫ इन्सानों के शीलवान और सज्जन होने की अवस्था ही सभ्यता है। जैसे हम अगर सिंधु घाटी सभ्यता की बात करें तो उस समय के लोगों के आचार, व्यवहार, जीवनशैली, सामाजिक ताना बाना, आर्थिक गतिविधियों को सामान्य रूप से हम उसकी सभ्यता कहते हैं। 

⚫ दूसरे शब्दों में कहें तो यह मानव समाज की बाहरी और भौतिक उन्नति है, जिसे मनुष्य ने आदिम युग से अब तक लौकिक, व्यावहारिक और सामाजिक क्षेत्र में प्राप्त की है।

⚫ सभ्यता में वे सभी उपलब्धियाँ सम्मिलित हैं, जिन्हे मनुष्य ने प्रकृति पर विजय पाने और जीवन निर्वाह को सुगम बनाने के लिए हासिल की है। 

संस्कृति (Culture)

⚫ संस्कृति का संबंध संस्कार से है। और संस्कार का मतलब होता है भद्दापन अथवा त्रुटियों को दूर कर सही जीवन मूल्यों को स्थापित करना ताकि वे समाज के लिए उपयोगी बन सकें। 

⚫ दूसरे शब्दों में कहें तो जीवन को सुंदर बनाने के लिए मानव द्वारा किया जानलेवा बौद्धिक प्रयास संस्कृति है। संस्कृति किसी सभ्यता का मूल तत्व होता है ।

⚫ अगर हम इंसान को एक सभ्यता माने तो उसकी आत्मा संस्कृति है, अगर एक फूल को सभ्यता माने तो उसकी खुशबू संस्कृति है।

⚫ इस उदाहरण से आप समझ सकते हैं कि ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू है यानी कि अगर सभ्यता है तो देर-सवेर संस्कृति विकसित हो ही जाती है। 

| सभ्यता और संस्कृति में कुल मिलाकर अंतर

⚫ कुल मिलाकर देखें तो मनुष्य की जीवन यात्रा को सरल बननेवाली आर्थिक, राजनीतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक उपलब्धियाँ सभ्यता है। यानी कि ये मनुष्य की प्रत्यक्ष और भौतिक उपलब्धियाँ है वहीं मानव जीवन को अप्रत्यक्ष रूप से समृद्ध बनानेवाली आध्यात्मिक, नैतिक, बौद्धिक और मानसिक उपलब्धियां संस्कृति है। 

⚫ व्यक्तित्व को समृद्ध और परिष्कृत करनेवाला दर्शन, चिंतन, आकलन, साहित्य आदि का संबंध संस्कृति से है।

⚫ इसीलिए जब हम जीवन मूल्यों, सिद्धांतों, आदर्शों, रीति-रिवाजों एवं प्रथाओं आदि की बात करते हैं तो इसको संस्कृति कहते है।

⚫ वहीं जब सभ्यता की बात करते हैं तो इसे एक वृहद पैमाने पर देखते हैं जैसे कि पश्चिमी सभ्यता, पूर्वी सभ्यता, भारतीय सभ्यता, यूरोपीय सभ्यता, रोमन सभ्यता आदि।

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