शेयर और इक्विटि में अंतर । Share and Equity differences in hindi

इस लेख में हम शेयर और इक्विटि में अंतर पर सरल और सहज चर्चा करेंगे एवं इसके बेसिक कॉन्सेप्ट को समझेंगे, तो अंत तक जरूर पढ़ें,

शेयर तो हम आमतौर पर समझते हैं लेकिन क्या इक्विटि भी उसी को कहते हैं या उसमें कुछ अंतर है, इसके बारे में इस लेख में पता चल जाएगा।

नोट – अगर आप शेयर मार्केट के बेसिक्स को ज़ीरो लेवल से समझना चाहते हैं तो आपको पार्ट 1 से शुरुआत करनी चाहिए।

शेयर और इक्विटि

| शेयर और इक्विटि में अंतर

वैसे आमतौर पर शेयर और इक्विटि का प्रयोग एक दूसरे के लिए किया जाता है इसमें कोई गलती भी नहीं है क्योंकि शेयर का आशय भी हिस्सेदारी से है और इक्विटि का आशय भी हिस्सेदारी से है। इसीलिए दोनों का इस्तेमाल एक दूसरे के जगह पर किया भी जाता है और कर भी सकते हैं। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि दोनों में कुछ अंतर नहीं है। आइये इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिये आपने किस्त पर एक बाइक खरीदी। आपने डाउनपेमेंट के रूप में उस बाइक के कुल कीमत का 10 प्रतिशत दे दिया और बाकी का जो 90 परसेंट आपको देने है उसके लिए हर महीने किस्त बना दिया गया है।

तो चूंकि अभी आपने उस बाइक की कीमत का सिर्फ 10 परसेंट ही पे किया है इसीलिए उस बाइक पर आपकी हिस्सेदारी सिर्फ 10 प्रतिशत ही है। यानी कि उस बाइक में आपकी इक्विटि 10 प्रतिशत है। यहाँ पर शेयर का इस्तेमाल नहीं किया जाता है क्योंकि कंपनी ने आपको बाइक शेयर पर नहीं दिया है और न ही आपने कोई शेयर खरीदा है। आपने तो उस बाइक मालिकाना हक खरीदा है। लेकिन आपने चूंकि पूरे पैसे नहीं दिये है इसीलिए उसमें आपकी इक्विटि सिर्फ 10 प्रतिशत है।

जैसे-जैसे आप बांकी पैसे पे करते जाएगे आपकी इक्विटि उस बाइक पर बढ़ती जाएगी। जिस दिन आप उस बाइक की पूरी कीमत चुका देंगे। आप उस बाइक का मालिक बन जाएँगे यानी कि 100 परसेंट इक्विटि आपके पास आ जाएगी।

इसे दूसरे शब्दों में कहें तो जितना पैसा आपने लगाया है उसे इक्विटि कहा जाता है, उसी इक्विटि को जब तोड़ कर बहुत से टुकड़ों में बाँट दिया जाता है तो हम उसे शेयर कहते हैं।

जैसे कि आपने अपने बाइक को किसी को चलाने के लिए दे दिया इसका मतलब ये नहीं है कि आपने बाइक का मालिकाना हक उसे दे दिया। आपने अपने बाइक को सिर्फ उसके साथ शेयर किया, उस बाइक की 100 परसेंट इक्विटि अभी भी आप के पास ही है। आपने जो अपना बाइक शेयर किया हो सकता है उसके बदले में आपको थैंक्स मिले वहीं अगर कोई कंपनी अपना शेयर किसी को देता तो उसके बदले उसे कुछ पैसे मिल जाते।

कुल मिलाकर देखें तो इक्विटि एक व्यापक (Broader) टर्म है जबकि शेयर कम व्यापक टर्म है। तो आपने देखा कि इस्तेमाल के आधार पर हम इसमें भेद कर सकते हैं। हालांकि अब दोनों ही शब्द एक दूसरे के लिए इस्तेमाल होता है।

◼ इक्विटि का कोई प्रकार नहीं होता है लेकिन वहीं शेयर की बात करें तो उसके आमतौर पर 2 प्रकार होते हैं। इस पर अलग से एक लेख उपलब्ध है अगर आप पढ़ना चाहते हैं तो ⏬नीचे लिंक पर क्लिक करें।

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