इस लेख में हम प्रोकैरियोटिक और यूकेरियोटिक कोशिकाओं पर सरल एवं सहज़ चर्चा करेंगे एवं इसके विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का सचित्र व्याख्या करेंगे।

प्रोकैरियोटिक (prokaryotic) और यूकेरियोटिक (eukaryotic), कोशिका के प्रकार है। डीएनए समझने के क्रम में कोशिका (Cell) की समझ आवश्यक हो जाती है। इसीलिए इसे अंत तक जरूर पढ़ें और नियमित अपडेट के लिए हमारे फ़ेसबुक पेज़ को लाइक कर लें।

प्रोकैरियोटिक और यूकेरियोटिक
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कोशिका किसे कहते हैं?

कोशिका यानी कि Cell, लैटिन शब्द ‘सेलुला (Cellula)’ से बना है, जिसका अर्थ होता है “छोटा कमरा”। कोशिका जीवन की बुनियादी संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है। यह सबसे छोटी इकाई जो अपने आप रह सकती है और जो सभी जीवित जीवों और शरीर के ऊतकों को बनाती है।

एक कोशिका के तीन मुख्य भाग होते हैं: कोशिका झिल्ली (cell membrane), केंद्रक (nucleus) और कोशिका द्रव्य (cytoplasm)।

कोशिका झिल्ली, कोशिका को घेर लेती है और उन पदार्थों को नियंत्रित करती है जो कोशिका के अंदर और बाहर जाते हैं। नाभिक या केंद्रक, कोशिका के अंदर एक संरचना है जिसमें न्यूक्लियोलस (nucleolus) और कोशिका के अधिकांश डीएनए होते हैं। यह वह जगह भी है जहां सबसे ज्यादा आरएनए बनता है।

कोशिका द्रव्य या साइटोप्लाज्म, कोशिका के अंदर का तरल पदार्थ है। इसमें अन्य छोटे कोशिका भाग होते हैं जिनमें विशिष्ट कार्य होते हैं, जिनमें गॉल्जी कॉम्प्लेक्स, माइटोकॉन्ड्रिया और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम शामिल हैं। साइटोप्लाज्म वह जगह है जहां अधिकांश रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं और जहां अधिकांश प्रोटीन बनते हैं।

[नोट- यहाँ जितने भी टर्म का इस्तेमाल हुआ है जैसे कि गॉल्जी कॉम्प्लेक्स, माइटोकॉन्ड्रिया इत्यादि, सभी की चर्चा आगे की गई है]

अधिकांश पौधे और पशु कोशिकाएं केवल एक प्रकाश सूक्ष्मदर्शी के नीचे दिखाई देती हैं, जिसका साइज़ 1 से 100 माइक्रोमीटर के बीच होता है। (1 माइक्रोमीटर यानी कि 1 मीटर का 10 लाखवां भाग)।

ऐसे जीव जो सिर्फ एक कोशिका से बना होता है उसे एककोशिकीय जीव (unicellular organism) कहा जाता है जैसे कि बैक्टीरिया। और ऐसे जीव जो बहुत सारे कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, उसे बहुकोशिकीय जीव (multicellular organisms) कहा जाता है, जैसे कि पौधे एवं जीव-जन्तु।

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| कोशिका के प्रकार (Cell Types)

कोशिकाएँ (Cells) दो प्रकार के होते हैं: (1) यूकेरियोटिक कोशिकाएँ (eukaryotic cells) और (2) प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ (prokaryotic cells)

(1) प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ (prokaryotic cells)

वो कोशिका, जिसमें नाभिक (Nucleus) नहीं होता है, प्रोकैरियोटिक कोशिका कहलाता है। आम तौर पर यह एककोशिकीय जीव होता है, इस तरह के कोशिकाओं में बैक्टीरिया और आर्किया (archaea) शामिल हैं। प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं पृथ्वी पर जीवन का पहला रूप थीं, जिसमें सेल सिग्नलिंग (cell signaling) सहित महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाएं होती हैं।

प्रोकैरियोटिक कोशिका के डीएनए में एक एकल गोलाकार गुणसूत्र (chromosomes) होता है, जो साइटोप्लाज्म के सीधे संपर्क में होता है। कहने का अर्थ ये है कि प्रोकैरियोटिक कोशिका में भले ही नाभिक (nucleus) न हो लेकिन न्यूक्लियॉइड (nucleoid) क्षेत्र होता है, और इसी में आनुवांशिक पदार्थ (genetic material) होता है। अधिकांश प्रोकैरियोट्स सभी जीवों में सबसे छोटे होते हैं जिनका व्यास 0.5 से 2.0 माइक्रोन तक होता है।

एक प्रोकैरियोटिक कोशिका में निम्नलिखित क्षेत्र होते हैं:

image source – wikipedia

कोशिका लिफाफा (cell envelope) – इसके तहत देखें तो, सबसे बाहरी आवरण के तौर पर हम एक कैप्सुल (Capsule) देखते हैं। यह सबसे बाहरी परत अक्सर शर्करा या विशेष प्रोटीन से बनी होती है। यह बैक्टीरिया को जानवरों की प्रतिरक्षा कोशिकाओं जैसी बड़ी कोशिकाओं द्वारा खाए जाने और वायरस से संक्रमित होने से बचाने में मदद करता है।

कैप्सुल के नीचे, कोशिका भित्ति (cell wall) और उसके नीचे प्लाज्मा झिल्ली (plasma membrane) की एक लेयर होती है।

अधिकांश प्रोकैरियोट्स में कोशिका झिल्ली और कोशिका भित्ति दोनों होते हैं, लेकिन कुछ अपवाद हैं जैसे माइकोप्लाज्मा (बैक्टीरिया) और थर्मोप्लाज्मा (आर्किया) जिनमें केवल कोशिका झिल्ली की परत होती है।

कुल मिलाकर, लिफाफा (envelope) कोशिका को कठोरता देता है और एक सुरक्षात्मक फिल्टर के रूप में कार्य करते हुए, कोशिका के आंतरिक भाग को उसके वातावरण से अलग करता है।

कोशिका द्रव्य (cytoplasm) – कोशिका के अंदर साइटोप्लाज्मिक क्षेत्र होता है जिसमें जीनोम (डीएनए), राइबोसोम और विभिन्न प्रकार के घटकों का समावेश होता हैं। लेकिन चूंकि प्रोकैरियोट्स में केंद्रक (Nucleus) नहीं पाया जाता है इसलिए आनुवंशिक पदार्थ या डीएनए कोशिका द्रव्य में स्वतंत्र रूप से पाया जाता है। उस क्षेत्र को न्यूक्लियॉइड (nucleoid) कहा जाता है।

कशाभिका (Flagellum) और पायलस (pilus) – बाहर की ओर, कशाभिका (यानी कि पूंछ रूपी संरचना) और पायलस (यानी कि केश रूपी संरचना) विद्यमान होता है। ये प्रोटीन से बनी संरचनाएं हैं जो कोशिकाओं के बीच गति और संचार की सुविधा प्रदान करती हैं। हालांकि ये सभी प्रोकैरियोट्स में मौजूद नहीं होता है। पायलस को Fimbriae नाम से भी जाना जाता है।

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(2) यूकेरियोटिक कोशिकाएँ (eukaryotic cells)

इसके तहत उन कोशिकाओं को रखा जाता है, जिसमें नाभिक (Nucleus) होता है। यह एककोशिकीय भी हो सकता है और बहुकोशिकीय भी। पौधे, जानवर, कवक, प्रोटोजोआ और शैवाल सभी यूकेरियोटिक हैं। ये कोशिकाएँ एक विशिष्ट प्रोकैरियोट से लगभग पंद्रह गुना चौड़ी होती हैं और इनका आयतन एक हज़ार गुना अधिक हो सकता है।

यूकेरियोटिक डीएनए एक या एक से अधिक रैखिक अणुओं में व्यवस्थित होता है, जिन्हें क्रोमोसोम कहा जाता है, जो हिस्टोन प्रोटीन से जुड़े होते हैं। सभी क्रोमोसोमल डीएनए कोशिका के केंद्रक में जमा हो जाते हैं, एक झिल्ली द्वारा कोशिका द्रव्य (cytoplasm) से अलग हो जाते हैं।

प्रोकैरियोट्स की तुलना में यूकेरियोट्स की मुख्य विशेषता इसका कंपार्टमेंटलाइज़ेशन (compartmentalization) है: यानी कि कोशिका के भीतर बंद हिस्से जो कि आमतौर पर एकल या डबल लिपिड परत झिल्ली* से घिरे होते हैं। इसे ऑर्गेनेल (organelle) कहा जाता है। इसमें विशिष्ट गतिविधियाँ होती रहती है और सबका अपना एक काम होता है।

एक यूकेरियोटिक कोशिका में निम्नलिखित क्षेत्र या ऑर्गेनेल (organelle) होते हैं:

Cell Parts

कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) – यह नाभिक के अलावा किसी अन्य कोशिका की सभी सामग्री के लिए एक शब्द है, साइटोप्लाज्म में ज्यादातर पानी होता है।

अन्तः प्रदव्ययी जलिका [Endoplasmic Reticulum] (ER) – एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम, यह कोशिका के पूरे कोशिका द्रव्य में झिल्लियों का एक नेटवर्क है। यह दो प्रकार का होता है;

जब इससे राइबोसोम जुड़े होते हैं तो इसे रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम और जब राइबोसोम इससे संलग्न नहीं होता है तब इसे स्मूथ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम कहा जाता है।

रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम वह जगह है जहां कोशिका में अधिकांश प्रोटीन संश्लेषण होता है। जबकि स्मूथ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम का कार्य कोशिका में लिपिड को संश्लेषित करना है। स्मूद ईआर सेल में हानिकारक पदार्थों के विषहरण में भी मदद करता है।

गॉल्जी तंत्र (Golgi apparatus) – यह कोशिका में वो ऑर्गेनेल है, जो एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम में उत्पादित प्रोटीन को छांटने और सही ढंग से शिपिंग करने के लिए जिम्मेदार है। हमारे डाक पैकेजों की तरह, जिनमें एक सही शिपिंग पता होना चाहिए, ईआर में उत्पादित प्रोटीन को उनके संबंधित पते पर सही ढंग से भेजा जाना चाहिए। यह प्रोटीन संश्लेषण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। यदि गॉल्जी कॉम्प्लेक्स प्रोटीन को सही पते पर भेजने में गलती करता है, तो कोशिका में कुछ कार्य रुक सकते हैं।

Lysosomes गॉल्जी तंत्र द्वारा निर्मित, ये बड़े अणुओं को छोटे टुकड़ों में तोड़ने में मदद करते हैं जिनका उपयोग कोशिका कर सकती है।

माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) – यह सेल का पावरहाउस है। यह ऑर्गेनेल आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन से ऊर्जा को एटीपी यानी कि Adenosine triphosphate (ATP) अणुओं में पैकेज करता है।

प्रत्येक प्रकार की कोशिका में माइटोकॉन्ड्रिया की एक अलग मात्रा होती है। जिन्हें बहुत सारे काम करने पड़ते हैं, वहाँ के कोशिकाओं में अधिक माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, उदाहरण के लिए- आपके पैर की मांसपेशियों की कोशिकाएं, हृदय की मांसपेशी कोशिकाएं आदि। अन्य कोशिकाओं को अपना काम करने के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है और उनमें माइटोकॉन्ड्रिया कम होता है।

नाभिक (Nucleus) – केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र है। यह कोशिका का सबसे बड़ा अंगक है और इसमें कोशिका का डीएनए होता है

न्यूक्लियोलस (nucleolus) – बैक्टीरिया के पास अपने परमाणु डीएनए को धारण करने के लिए एक नाभिक नहीं होता है। इसके बजाय, उनका डीएनए न्यूक्लियॉइड में पाया जाता है। इस संरचना में कोई सुरक्षात्मक झिल्ली नहीं होती है, लेकिन डीएनए सामग्री कसकर भरी हुई होती है और इसमें कुछ आरएनए और प्रोटीन भी होते हैं।

प्लाज़्मा झिल्ली (Plasma membrane) –एक कोशिका को घेरने वाली झिल्ली दो लिपिड परतों से बनी होती है जिसे “bilipid” झिल्ली कहा जाता है। प्लाज्मा झिल्ली में मौजूद लिपिड को “फॉस्फोलिपिड्स” कहा जाता है।

ये लिपिड परतें कई फैटी एसिड बिल्डिंग ब्लॉक्स से बनी होती हैं। इस झिल्ली को बनाने वाले फैटी एसिड के दो अलग-अलग हिस्से होते हैं- एक छोटा पानी से प्यार करने वाला सिर (head) होता है- जिसे हाइड्रोफिलिक सिर (hydrophilic head)। हाइड्रो का अर्थ है पानी और फिलिक का अर्थ है पसंद करना या प्यार करना।

इस फैटी एसिड का दूसरा हिस्सा एक लंबी जल-विकर्षक या पानी से नफरत करने वाली पूंछ होती है, जिसे हाइड्रोफोबिक सिर (hydrophobic head) कहा जाता है।

राइबोसोम (Ribosomes) – यह वो ऑर्गेनेल (organelle) है जो प्रोटीन के संश्लेषण में मदद करता है। राइबोसोम दो भागों से बने होते हैं, जिन्हें सबयूनिट कहा जाता है। वे अपने नाम उनके आकार से प्राप्त करते हैं। एक इकाई दूसरी से बड़ी होती है इसलिए उन्हें बड़ी और छोटी सबयूनिट कहा जाता है।

कोशिका में प्रोटीन संश्लेषण के लिए ये दोनों उपइकाइयाँ आवश्यक हैं। जब दो इकाइयों को एक विशेष सूचना इकाई के साथ डॉक किया जाता है, जिसे मैसेंजर आरएनए (mRNA) कहा जाता है, तो वे प्रोटीन बनाते हैं।

कुछ राइबोसोम साइटोप्लाज्म में पाए जाते हैं, लेकिन अधिकांश एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम से जुड़े होते हैं। ईआर से जुड़े रहते हुए, राइबोसोम प्रोटीन बनाते हैं जिनकी कोशिका को आवश्यकता होती है और जिन्हें शरीर में कहीं और काम करने के लिए कोशिका से निर्यात किया जाता है।

पुटिका (vesicle) – इस शब्द का शाब्दिक अर्थ है “छोटा पोत”। यह ऑर्गेनेल सेल द्वारा उत्पादित उत्पादों को स्टोर और ट्रांसपोर्ट करने में मदद करता है।

पुटिका हमारे डाक या कूरियर ट्रकों की तरह परिवहन और वितरण वाहन हैं। कुछ पुटिकाएं कोशिका के कुछ हिस्सों में सामग्री पहुंचाती हैं और अन्य कोशिका के बाहर परिवहन सामग्री को एक्सोसाइटोसिस नामक प्रक्रिया में पहुंचाती हैं।

रिक्तिका (vacuole) – पादप कोशिकाओं में, बीच में एक बहुत बड़ी खाली जगह जैसा दिखता है। इस स्थान को रिक्तिका कहते हैं। रिक्तिका में बड़ी मात्रा में पानी होता है और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जैसे शर्करा, आयन और वर्णक (pigments) संग्रहीत करता है।

[नोट- यहाँ जितने भी टर्म का इस्तेमाल हुआ है जैसे कि गॉल्जी कॉम्प्लेक्स, माइटोकॉन्ड्रिया इत्यादि, सभी को विस्तार से समझने के लिए कोशिका का सटीक विश्लेषणlink अवश्य पढ़ें]

प्रोकैरियोटिक और यूकेरियोटिक कोशिकाओं के बीच अंतर

प्रोकैरियोट्सयूकेरियोट्स
संबंधित जीवबैक्टीरिया,आर्कियाप्रोटिस्ट, कवक, पौधे, जानवर
size1–5 माइक्रो मीटर10–100 माइक्रो मीटर
केंद्रक (nucleus)इसमें केंद्रक (nucleus) नहीं होता है उसकी जगह पर nucleoid क्षेत्र होता है।इसमें होता है।
माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)इसमें नहीं होती है। इसमें हजारों की संख्या में हो सकता है।
Chloroplastsइसमें नहीं होता है। पादप कोशिका में होता है।
संगठनआमतौर पर एक कोशिकीय होता है।ये एक कोशिकीय भी हो सकता है और बहुकोशिकीय भी।
कोशिका विभाजनप्रोकैरियोटिक कोशिकाएं द्विआधारी विखंडन द्वारा विभाजित होती हैं। यूकेरियोटिक कोशिकाएं, परमाणु विभाजन की प्रक्रिया से गुजरती हैं, जिसे समसूत्रण (mitosis) कहा जाता है।
गुणसूत्र (Chromosomes)सिर्फ एक chromosome होता है। एक से अधिक chromosome होता है।
झिल्ली (Membranes)कोशिका झिल्ली होता है। कोशिका झिल्ली के साथ ही झिल्ली से बंधे ऑर्गेनेल (organelles) भी होते हैं।
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कुल मिलाकर प्रोकैरियोटिक और यूकेरियोटिक कोशिकाओं के संबंध में इस लेख में इतना ही, उम्मीद है आपको प्रोकैरियोटिक और यूकेरियोटिक कोशिका अच्छे से समझ में आया होगा; बेहतर समझ के लिए इससे संबंधित अन्य लेखों को अवश्य पढ़ें।

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References,
https://www.cancer.gov/publications/dictionaries/cancer-terms/def/cell
Cell biology – wikipedia
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