चिपकना और सटना में अंतर क्या हैं ?

चिपकना और सटना आम बोलचाल वाली भाषा है; वैसे तो इसका अंतर बहुत ही स्पष्ट है जैसे कि, उसने आटे की लोइयों को सटा कर रखा लेकिन थोड़ी देर बाद वो चिपक ही गया; हालांकि इसमें जानने के लिए और भी बहुत कुछ है।

इस लेख में हम चिपकना और सटना पर सरल एंव सहज चर्चा करेंगे एवं इसके मध्य के कुछ सूक्ष्म अंतर को जानेंगे, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें;

चिपकना और सटना

| सटना मतलब क्या?

दो चीजों का इतने नजदीक आ जाना कि उसके बीच गैप न के बराबर रह जाये। जैसे कि प्याज़ के छिलके एक दूसरे से सटे होते हैं। विवाह मंडप में जगह कम रहने के कारण सभी सट कर बैठे हुए थे।

लसिले पढ़ार्थ का उपयोग करके भी हम चीजों को साट देते हैं। जैसे कि उसने थूक से कागज चिपका दिया। पर यहाँ अलग होने की भी गुंजाइश है, चाहे तो उसे अलग भी किया जा सकता है।

| चिपकना मतलब क्या?

चिपकना क्रिया हिन्दी के चिपचिप या चेप शब्द से बनी है। लसीला पढ़ार्थ चिप-चिप होता है। इसी कारण चिपकना का मुख्य और प्रारम्भिक अर्थ लसिले पढ़ार्थ के माध्यम से दो वस्तुओं का इस प्रकार एक दूसरे से लग या जुड़ जाना है की उन्हे आसानी से अलग न किया जा सके; जैसे- कागज से स्टम्प चिपका हुआ है। टूटा हुआ बाल्टी अब चिपक गया है।

यूं तो चिपकने में इस तरह से सटने का भाव होता है कि बहुत आसानी से उससे अलग करना मुमकिन नहीं होता है। फिर भी इसके कुछ ऐसे उपयोग है, जो भाव तो सटने का प्रदर्शित करता है, लेकिन उसके लिए चिपकना शब्द का ही प्रयोग किया जाता है। नीचे कुछ उदाहरण है –

अधिक दिनों तक नमी में रहने से सीलन के कारण  दो चीज़ें आपस में चिपक जाती है; जैसे – धूप नहीं मिलने से किताब के पन्ने एक-दूसरे से चिपक गए थे।

किसी वस्तु या बात को कस कर पकड़ लेना भी चिपकना है; जैसे – परजीवी लताएँ पेड़ों से चिपक कर ऊर्जा प्राप्त करती है, वे अपनी बात से ऐसे चिपके हुए थे की उसे छोडने को तयार ही नहीं थे।

गीलेपन के कारण भी एक वस्तु दूसरी वस्तु से चिपकी हुई दिखाई पड़ती है; जैसे – पसीने के कारण उसके कपड़े बदन से चिपके हुए थे।

  • चिपकना का लाक्षणिक प्रयोग ऐसी स्थितियों के लिए भी होता है, जब कोई स्वार्थ के वशीभूत होकर उचित-अनुचित का ध्यान रखे बिना जबर्दस्ती किसी काम में लगा रहना चाहते हैं।
  • किसी वस्तु में लीन या रत रहना चिपकना है; जैसे – वह हमेशा किताब से चिपका रहता है।
  • सुरक्षा आदि की दृष्टि से किसी से बिल्कुल जुड़ जाने के लिए भी इसका प्रयोग होता है; जैसे बच्चा डर कर माँ की छाती से चिपक गया । 

| चिपकना और सटना में कुल मिलाकर अंतर

◼️ किसी चीज़ का बहुत ही ज्यादा सट जाना चिपकना है। जैसे कि पहले तो वो आके सट के खड़ा हो गया, लेकिन धीरे-धीरे तो चिपक ही गया। बस में इतनी भीड़ थी कि सब एक दूसरे से चिपके पड़े थे।

◼️ दूसरी तरफ चिपकना में लसिलेपन की मौजूदगी पहले से होने का भाव प्रधान है; जैसे – लीफाफे पर टिकट चिपका दो। यहाँ चिपचिपी वस्तु का दूसरी वस्तु से संपर्क हो जाने या करा देने का भाव है। स्टिकर में भी चिपकने का भाव प्रधान है, जो स्पर्श करने या लगा देने से चिपक जाता है।

◼️ चिपकना में सटना की अपेक्षा अधिक निकट आने की प्रमुखता है; इसीलिए, दोनों मकानों की छतें बिल्कुल सटी हुई है, कहना तो ठीक है, चिपकी हुई है, कहना युक्तिसंगत नहीं होगा।

◼️ इन दोनों का एक साथ भी प्रयोग किया जाता है। जैसे कि – ठीक से बैठो, अब इतना न सटो कि चिपक ही जाओ।

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