चेतावनी और धमकी में अंतर क्या है?

इस लेख में हम चेतावनी और धमकी में अंतर (warning and threat) को जानेंगे।

चेतावनी और धमकी में अंतर
(Difference between warning and threat)

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चेतावनी(warning)

🔥 चेतावनी में किसी बुरी घटना की पूर्व सूचना देकर सचेत करने की भाव की प्रधानता होती है, या यूं कहें कि चेताने या अलर्ट करने का भाव होता है। 

🔥 किसी को सावधान करने के लिए कही जानेवाली बात भी चेतावनी ही होती है। बहुत बार किसी को याद दिलाया जाता है कि,

पिछली बार तुम इस प्रकार की गलती का ख़ामियाज़ा भुगत चुके हो, पर फिर भी तुम वैसा ही काम करने जा रहे हो, सुधर जाओ!

इस प्रकार का कथन भी चेतावनी ही होता है।  क्योंकि इसमें भूली हुई बात को याद कराया जा रहा है या फिर कहें कि सचेत किया जा रहा है।  

🔥 भविष्य में किसी कार्य का कार्यान्वयन ठीक प्रकार से हो, इसके लिए कार्यालयों मे चेतावनी का पत्र देने की परंपरा रही है,

इसमें गलत कार्य न करने के प्रति आगाह करते हुए इसका उल्लंघन होने पर की जाने वाली कार्रवाई  की पूर्व सूचना होती है। इसे वार्निंग लेटर भी कहा जाता है। 

धमकी(threat)

💥 धमकी में धमक वाला कंपन का भाव होता है। धमकी किसी को डराने के मकसद से दी जाती है, ताकि वह डर से कांप कर धमकी देने वाले के अनुरूप ही आचरण करने लगे। 

जैसे – परीक्षक ने धमकी में आकार एक छात्र को पास करवा दिया । अगर तुमने मेरा यह काम नहीं किया तो मैं तुम्हारा समूल नष्ट कर दूंगा । यह कहना धमकी देना है। 

चेतावनी और धमकी में कुल मिलाकर अंतर

🌟 कुल मिलाकर देखें तो चेतावनी का प्रयोग बस सावधान करने के लिए किया जाता है, जबकि धमकी डराने के लिए ।  

🌟 धमकी में सामान्यत: व्यक्तिगत स्वार्थ छिपा होता है जबकि चेतावनी में व्यक्ति या समूह का हित छिपा होता है ।

जैसे कि – रंगदारी मांगने वाले जान मारने की धमकी देते हैं। वहीं दूसरी तरफ बिजली-पानी नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी जाती है, ताकि अधिकारी सचेत होकर इनकी आपूर्ति नियमित कर दें।

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