घर और मकान में मुख्य अंतर क्या है?

इस लेख में हम घर और मकान के बीच के कुछ सूक्ष्म अंतर को जानेंगे।
ये लेख काफी दिलचस्प होने वाला है
तो लेख को अंत तक जरूर
पढ़ें
घर और मकान

⛺️घर और मकान में अंतर

घर; निवास, शरण, आराम या फिर निजी संपत्ति को सुरक्षित रखने का एक जगह है। अब आप कहेंगे कि मकान में भी तो हम यही सब करते है फिर अंतर क्या है? जाहिर है कि अंतर है तभी तो दो शब्द बनाए गए है नहीं तो एक से भी तो काम चल सकता था।

घर को समझने से पहले आइये किसी की लिखी हुई कुछ वाक्यों को पढ़ते हैं। इससे घर की अहमियत को समझा जा सकता है।

जिसका कोई न हो
उसका ज़रूर एक घर हो
घर ही उसका ख़ुदा हो
न आए कोई उसके घर
न जाए वह कहीं घर छोड़कर
मगर हो ज़रूर उसका एक घर

🏢 घर

🏢 घर बहुत ही प्राचीन शब्द है जो कि संस्कृत भाषा के शब्द गृहम से बना है। जिस समय काल में उच्च वर्ग के लोगों या पढे-लिखे लोगों की भाषा संस्कृत थी उसी समय आम लोगों की भाषा प्राकृत थी, ये आम लोग ‘गृहम’ शब्द को ‘घरम’ कहने लगे। बाद में चलकर जब हिन्दी का विकास हुआ तो यही ‘घरम’ शब्द घर कहलाया।

🏢 आज के समय में उड़िया, गुजराती, नेपाली, पंजाबी, बंगाली, मराठी आदि भाषाओं में भी घर कहने का प्रचलन है। 

🏢 अब बात करते हैं कि घर होता क्या है? तो घर पैतृक, पारंपरिक और स्थायी निवास स्थान है जो हमारे पूर्वजों की विरासत होती हैं और जिसके साथ हमारा एक आत्मीय लगाव होता है।  जैसे कि – मेरा पैतृक (ancestral) घर मधुबनी में है। अगर आपका भी कोई पैतृक घर होगा तो आप इस भावनात्मक लगाव को जरूर समझेंगे।

🏢 वैसे ये लगाव काफी ख़तरनाक चीज़ है। सीधे-साधे जमाई को अगर पत्नी के घर से ज्यादा लगाव हो जाये तो जमाई से वो तुरंत घरजमाई बन जाता है।

🏢 वैसे आप कन्फ्युज मत होइयेगा क्योंकि रेखाओं से निर्मित विभिन्न प्रकार के डिज़ाइन को भी घर कहा जाता है; जैसे – जन्म कुंडली में 12 घर होते हैं और शतरंज की बिसात में 64 घर।

🏢 विशेष प्रकार की सुविधाओं से या यूं कहें कि मौलिक सुविधाओं से युक्त कमरे या कार्यालयों के नाम में भी घर शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे- डाकघर, पूजाघर, रसोईघर, किताबघर, स्नानघर, तारघर, टिकिटघर, बिजलीघर,आदि ।

🏢 कभी-कभी घर के साथ कुछ अन्य शब्दों के जुड़ जाने से घर के भाव में कुछ और विशेषताएं जुड़ जाती है, जैसे – घरवाली,  घर- आँगन, घर-द्वार, घर-गृहस्थी आदि।

🏙 मकान

🏙 मकान भी वहीं ईंट, सीमेंट, गिट्टी, मिट्टी, लकड़ी, बांस आदि से निर्मित लोगों के रहने की जगह ही होती है, पर वो सिर्फ रहने की ही जगह होती है। 

🏙 कहने का मतलब ये है कि इसमें स्थायित्व नहीं होता है तथा घर जितना इसके साथ आत्मीय लगाव भी नहीं होता है। यानी कि अपने घर से दूर अगर कहीं आप रह रहें है और आपको अब भी अपने उस घर की याद आ रही है तो आप समझ लीजिये कि आप एक मकान में रह रहें है घर में नहीं।

दूसरे शब्दों में कहें तो ये बस टेम्पररी रहने की जगह होती है जिसे हम अक्सर भाड़े या किराये पर लेते हैं। तभी तो उसके साथ खुद को कनैक्ट नहीं कर पाते हैं और शायद इसीलिए हम मकानमालिक शब्द का इस्तेमाल करते हैं न की घरमालिक। 

🏙 इसका ये मतलब नहीं है कि मकान कभी घर नहीं बन सकता। अब अगर कहीं जाकर आप परमानेंट बस ही जाओगे तो फिर बात अलग है। 

🚦घर और मकान में कुल मिलाकर अंतर

🚦 कुल मिलाकर देखें तो मकान रहने की सुविधाओं से युक्त एक स्थान भर है, जबकि घर से आत्मीय संबंध स्थापित हो जाता है।

🚦 घर मूल और स्थायी आवास होता है लेकिन मकान कई जगह और कहीं भी हो सकता है। 

🚦 अब तो समझ रहे हो न कि क्यों लड़की के लिए घर देखा जाता है मकान नहीं। 
🚦 और अब ये भी समझ गए होगे कि बीबी को घरवाली क्यों कहा जाता है, मकानवाली क्यों नहीं। 🚦 जमाई को घरजमाई कहा जाता है, मकानजमाई क्यों नहीं।

अगर अच्छा लगे तो कमेंट जरूर करें, अगर कुछ सजेस्ट करना हो तो भी कमेंट करें। नीचे कुछ मजेदार और ज्ञानवर्धक key difference दी गई है उसे भी जरूर पढ़ें।

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घर और मकान में अंतर
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