समाचार और संवाद में अंतर क्या है? समझिए

समाचार और संवाद दोनों जाना-पहचाना और बहुत ज्यादा इस्तेमाल में आने वाला शब्द है। ये होना भी चाहिए क्योंकि हम एक सामाजिक प्राणी है और न सिर्फ सामाजिक प्राणी है बल्कि एक जटिल और व्यापक सामाजिक प्रणाली का हिस्सा है।

इस लेख में हम समाचार (News) और संवाद (conversation) पर सरल एवं सहज चर्चा करेंगे एवं इसके मध्य अंतर जानने का प्रयास करेंगे, जो कि काफी दिलचस्प है और आपको काफी कुछ नया जानने को मिलेगा, तो आइये मेरे साथ;

समाचार और संवाद में अंतर

| समाचार और संवाद 

तो पाठकों क्या हाल-समाचार है आपलोगों का !? उम्मीद है ठीक ही होगा। आप समझ ही रहे होंगे कि ये मैं क्यूँ पूछ रहा हूँ। आमतौर पर हम हाल-समाचार का उपयोग इतनी बार करते हैं कि हमें यह किसी को कहने के लिए सोचना भी नहीं पड़ता, बस अपने आप ही मुंह से निकल पड़ता है। दरअसल ये हाल समाचार किसी व्यक्ति की वो जानकारी है जो ये बताता है कि अभी वो व्यक्ति कैसा है।

जैसे कि अभी मैंने आपसे ऊपर आपका समाचार जानना चाहा, इसे आप एक प्रकार का जिज्ञासा कह सकते हैं। पर मेरे अन्तर्मन को पता है कि मैं अभी आपसे एक ऐसे लेख के माध्यम से संवाद कर रहा हूँ जिसका जवाब शायद मुझे न मिलें, शायद मैंने इसीलिए लिखा कि ‘उम्मीद है ठीक ही होगा’।

संवाद कायम करने का ये एक प्रकार का एकतरफा डिजिटल तरीका है। हालांकि इसको दोतरफा बनाये जाने की काफी गुंजाइश है। पर…………! खैर आगे बढ़ते हैं –

| समाचार का अर्थ

समाचार का शाब्दिक अर्थ समान आचरण होता है। सम मतलब समान और आचार मतलब आचरण। दूसरे शब्दों मेँ इसे कहें तो इसका मतलब होता है जैसा हो वैसा ही बता दो। यानी कि बिना मसाला लगाये जस के तस जानकारी को जानने वाले के सामने प्रस्तुत कर देना

पहले इसका प्रयोग ज़्यादातर कुशल क्षेम जानने तक ही सीमित था। लोग एक दूसरे से समाचार पुछते थे, जो जैसा होता था, वैसा बता देता था। पर धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल व्यापक तौर पर होने लगा, और जब किसी चीज़ में व्यापकता आती है तो उसके अर्थ में बदलाव आना लाज़िमी हैं।

इसका इंग्लिश मतलब देखें तो ये होता है न्यूज़ या फ़िर इन्फॉर्मेशन। यानी कि अब इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत सूचनाओं को जानने के अलावा दुनियाभर के तमाम सूचनाओं को जानने में भी होने लगा है।

समाचार का एक मतलब NEWS (यानी कि North, East, West और South) भी होता है, इसीलिए कहा जाता है कि उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम अर्थात चारों दिशाओं से आनेवाली सूचना ही समाचार है।

कुल मिलाकर समाचार एक ऐसी नयी जानकारी होती है जिसके बारे में हमें कुछ भी पता नहीं होता है और इसीलिए हम उसे जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।

| संवाद का मतलब

संवाद का शाब्दिक अर्थ होता है समान रूप से कहना या बोलना। सम का मतलब समान और वद का मतलब बोलना होता है।

इसमें भी एक प्रकार से सामने वाले को जानकारी देने का ही भाव है पर इसमें मसाला लगाने की गुंजाइश होती है। यानी कि अपनी तरफ़ से बहुत कुछ कहने की गुंजाइश होती है।

उदाहरण के लिए आप संवाददाता (correspondent) को ले सकते हैं। जो किसी न्यूज़ चैनल को जानकारी तो दे रहे होते हैं। पर जस का तस न कहकर बहुत कुछ अपनी तरफ से भी उसमें जोड़ देते हैं।

यानी कि वे समाचार कम दे रहें होते हैं संवाद ज्यादा कर रहे होते हैं। लेकिन चूंकि समाचार और संवाद का कुछ इस तरह से सामान्यीकरण हो गया है; हमें ज्यादा इससे फर्क नहीं पड़ता है।

संवाद एक प्रकार का बातचीत या फ़िर वार्तालाप (Conversation) है। जिसमें कमोबेश दोनों ही तरफ़ की जिज्ञासाएँ शांत होती रहती है। जैसे कि कृष्ण-अर्जुन संवाद, भारत अमेरिका संवाद, इत्यादि। दूसरे शब्दों में कहें तो दो या दो लोगों के बीच का पारस्परिक क्रियात्मक संचार, संवाद है।

अक्सर जब हमारी किसी से दूरियाँ बढ़ने लगती है जिसे हम कहते हैं संवादहीनता यानी कि Communication gap; तो हम उससे संवाद कायम करने की कोशिश करते हैं। इसी क्रम में हम उसका हाल-समाचार भी पूछ लेते हैं और इसके अलावे भी बातचीत को और आगे बढ़ाते है।

इस प्रकार से देखें तो समाचार जहां थोड़ा सिमटा हुआ सा लगता है वहीं संवाद में बहुत ज्यादा फैलाव नजर आता है। क्योंकि संवाद के दौरान समाचार के अलावा भी कई प्रकार के विचार-विमर्श शामिल होता है। तो हम कह सकते हैं कि समाचार का ही और व्यापक रूप संवाद है।

| समाचार और संवाद में कुल मिलाकर अंतर

Difference between news and conversation in hindi
समाचार जहां हमारी जिज्ञासा को शांत करने का द्योतक है। वहीं संवाद सम्बन्धों को बेहतर करने का द्योतक है।
समाचार में किसी चीज़ को जस का तस कहने का भाव है। वहीं संवाद में अपनी तरफ से भी बहुत कुछ जोड़ने की गुंजाइश होती है।
समाचार ऐसी जानकारी होती है जिसके बारे में हमें कुछ भी पता नहीं होता है और हम उसे जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। संवाद में ये उत्सुकता थोड़ी कम भी हो सकती है।
समाचार एक प्रकार की नयी जानकारी होती है जिसके बारे में हमें पहले पता नहीं होता है। पर संवाद के मामले में हमें कुछ जानकारी पहले भी पता हो सकती है।
समाचार जहां थोड़ा सिमटा हुआ सा लगता है वहीं संवाद में बहुत ज्यादा फैलाव नजर आता है।

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